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जौनपुर ,04 जनवरी (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में वाहनों की तेज रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस के पास इंटरसेप्टर वाहन नहीं है। विभाग ने शासन को छह बार प्रस्ताव भेजा है, लेकिन अभी तक यह उपलब्ध नहीं हो सका है। आधुनिक संसाधनों की कमी के कारण सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण मुश्किल हो रहा है।
इंटरसेप्टर वाहन सड़क पर तेज गति से चलने वाले वाहनों की रफ्तार को माप लेता है, जिससे तुरंत कार्रवाई कर चालान किया जा सकता है। इसकी अनुपलब्धता के कारण बीते तीन माह में हाइवे समेत अन्य स्थानों पर हुई सड़क दुर्घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई घायल हुए हैं।
नियमों का पालन न करने और तेज रफ्तार के कारण सड़क दुर्घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हादसों पर नियंत्रण के लिए इंटरसेप्टर वाहन की मांग छह बार की गई है। इस वाहन की कीमत काफी अधिक होने के कारण इसे खरीदने में समय लग रहा है।
फिलहाल, शहर में जाम से निजात दिलाने के लिए वन-वे सिस्टम लागू किया गया है, जो काफी हद तक कारगर साबित हुआ है। रविवार को हिंदुस्थान समाचार से बात करते हुए टीएसआई सुशील मिश्रा ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन से तेज रफ्तार वाहनों पर लगाम लगाने में काफी मदद मिलेगी। जिले में वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब इंटरसेप्टर वाहन की सख्त जरूरत है। शासन को कई बार लिखा गया है।अभी तक कोई समुचित जवाब नहीं दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव