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पश्चिमी सिंहभूम, 04 जनवरी (हि.स.)।
नए साल के चौथे दिन चक्रधरपुर रेल मंडल में एक बार फिर ट्रैक मेंटेनर की ड्यूटी के दौरान मौत की घटना सामने आई है। चाईबासा पीडब्ल्यूआई के अंतर्गत पांड्राशाली और राजखरसवां के बीच रेलवे ट्रैक पर झाड़ी कटिंग का कार्य करते समय ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती की मौत हो गई। यह हादसा रविवार को हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक मेंटेनर लंका पुरती (45), ग्रेड पे 1900 में कार्यरत थे। वे 301-17ए/19ए थर्ड लाइन पर डाउन दिशा में झाड़ी कटिंग का कार्य कर रहे थे। इसी दौरान डाउन लाइन से आ रही मालगाड़ी की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। रेलवे अधिकारियों ने उन्हें झाड़ी कटिंग का कार्य सौंपा था।
घटना के बाद ऑल इंडिया रेलवे ट्रैक मेंटेनर यूनियन ने गहरा दुख प्रकट किया है। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि आखिर कब तक ट्रैक मेंटेनर रेलवे ट्रैक पर अपनी जान गंवाते रहेंगे और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कब सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत में ही यह दर्दनाक घटना हुई है, जबकि पिछले एक वर्ष में 11 ट्रैक मेंटेनर शहीद हो चुके हैं।
लंका पुरती झींकपानी थाना क्षेत्र के टुटुगुटू गांव के निवासी थे।
उनके परिवार में पत्नी सावित्री पुरती, एक बेटी चांदमुनी पुरती (16) और दो पुत्र मनीष पुरती (14) एवं सावन पुरती (12) हैं। उनकी पांच संतानें हैं, जिनमें से दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और दो बेटे वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं।
घटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस के पास रेलवे विभाग और यूनियन से जुड़े कई लोग उपस्थित थे। इनमें लालू कुजूर (अर्बन बैंक डेलीगेट), खेत्रो मोहन देवगम (इसइसई), रेल कर्मचारी दुर्गा प्रसाद, हीरालाल, नरेंद्र वर्मा, अनिरुद्ध प्रधान सहित अन्य ट्रैकमेन और पदाधिकारी शामिल थे। सभी ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और रेलवे से ट्रैक मेंटेनरों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक