राज्यपाल ने बच्चों के लिए संस्कार शाला का किया उद्घाटन
गुवाहाटी, 04 जनवरी (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने आज शहर के लोहिया लायंस ऑडिटोरियम में मारवाड़ी सम्मेलन, कामरूप शाखा द्वारा आयोजित संस्कार शाला का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 4 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास के उ
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य बच्चों के लिए संस्कार शाला का उद्घाटन करते हुए।


गुवाहाटी, 04 जनवरी (हि.स.)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने आज शहर के लोहिया लायंस ऑडिटोरियम में मारवाड़ी सम्मेलन, कामरूप शाखा द्वारा आयोजित संस्कार शाला का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम 4 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सद्भावना और शुभेच्छा भारत की सांस्कृतिक चेतना और मूल्य परंपरा का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने “संस्कारः हि गुणानां मूलम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्कार ही सभी गुणों की आधारशिला होते हैं, जो व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण और समाज में समरसता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा जहां ज्ञान और कौशल प्रदान करती है, वहीं संस्कार मानव आचरण को दिशा देकर जिम्मेदार और श्रेष्ठ नागरिक का निर्माण करते हैं।

राज्यपाल ने मूल्य-आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि राष्ट्र के भविष्य स्वरूप बच्चे यदि प्रारंभ से ही भारतीय मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और पारिवारिक परंपराओं से जुड़े रहें, तो एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने संस्कार शाला को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और नैतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय पहल बताते हुए इसके सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।

उन्होंने भारत की प्राचीन सभ्यतागत परंपरा का उल्लेख करते हुए वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत और श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं को सत्य, कर्तव्य और धर्म का शाश्वत मार्गदर्शन बताया। राज्यपाल ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीक-प्रधान युग में प्रगति तभी सार्थक है जब वह नैतिकता, करुणा और अनुशासन के साथ जुड़ी हो। आचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है और साथ ही सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी सुदृढ़ कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्कार शाला जैसे प्रयास मूल्यनिष्ठ नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मारवाड़ी समाज की नैतिकता, दानशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की परंपरा की सराहना करते हुए राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि अन्य संगठन भी ऐसे ही प्रयासों के माध्यम से नैतिक और समरस समाज के निर्माण में योगदान देंगे।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन गोयनका, आयोजन सचिव बसंत सुराणा, पूर्वोत्तर क्षेत्रीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष कैलाश काबरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश