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मुजफ्फरपुर, 04 जनवरी (हि.स.)।बिहार में सुशासन के दावों के बीच पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। वैशाली जिले में 'रक्षक ही भक्षक' बन गए, जहां छापेमारी के दौरान बरामद हुए सोने-चांदी के जेवर और नकदी को पुलिसकर्मियों ने सरकारी रिकॉर्ड में चढ़ाने के बजाय खुद ही डकार लिया।
इस गंभीर अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाते हुए तिरहुत रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा ने बड़ी कार्रवाई की है। डीआईजी के निर्देश पर वैशाली एसपी ने लालगंज के थानाध्यक्ष (एस एच ओ) संतोष कुमार और सब-इंस्पेक्टर (एस आई) सुमन कुमार झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह सनसनीखेज मामला वैशाली जिले के लालगंज थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, बीते 30 दिसंबर को लालगंज पुलिस को बिलनपुर गांव में रहने वाले रामप्रीत सहनी के घर के संबंध में कुछ गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर थानाध्यक्ष संतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान पुलिस को घर से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद हुई। नियमतः पुलिस को इन सामानों की जब्ती सूची बनाकर उन्हें मालखाने में जमा करना चाहिए था और वरीय अधिकारियों को सूचित करना था। लेकिन आरोप है कि थानाध्यक्ष संतोष कुमार और सब-इंस्पेक्टर सुमन कुमार की नीयत डोल गई। उन्होंने बरामदगी को छिपा लिया और कीमती सामानों को आपस में बंदरबांट कर लिया।
डीआईजी की गोपनीय जांच में खुली पोल
भ्रष्टाचार की यह बात जब मुजफ्फरपुर रेंज के डीआईजी चंदन कुशवाहा तक पहुंची, तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया। डीआईजी ने मामले की अत्यंत गोपनीय तरीके से जांच कराई। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बरामदगी तो हुई थी, लेकिन उसे आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज नहीं किया गया। प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर डीआईजी ने इस कृत्य को वर्दी को शर्मसार करने वाली घटना बताया।
दागी रहा है थानाध्यक्ष का इतिहास
लालगंज थानाध्यक्ष संतोष कुमार पर यह पहला आरोप नहीं है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, इससे पहले भी उनके कामकाज की शैली संदिग्ध रही है। उन पर मध्य प्रदेश की एक महिला के साथ हुए ठगी और यौन उत्पीड़न के मामले में लीपापोती करने और सही तरीके से कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगे थे। बार-बार मिल रही शिकायतों और ताज़ा भ्रष्टाचार के मामले ने उनकी विदाई तय कर दी।
घुस लेते निगरानी ने पकड़ा था सब इंस्पेक्टर सुमन झा
वर्ष 2024 के 04 सितंबर को मुजफ्फरपुर में पोस्टिंग के दौरान सब इंस्पेक्टर सुमन झा को 11 हजार रुपये घूस लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया गया। टेंगरारी गांव में एक जमीन विवाद में 144 की रिपोर्ट बनाने के लिए घूस मांग रहे थे। निगरानी टीम को इस बारे में सूचना मिली और उसने जाल बिछाकर सब इंस्पेक्टर को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया था । सूत्रों के अनुसार अभी वह मामला कोर्ट में है।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदे
डीआईजी चंदन कुशवाहा ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे पुलिस महकमे को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्तमान में दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से वैशाली पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी शिकंजा और कसा जा सकता है। फिलहाल, वैशाली एसपी को निर्देशित किया गया है कि वे पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें ताकि दोषियों पर कठोरतम सजा सुनिश्चित की जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी