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जगदलपुर, 04 जनवरी (हि.स.)। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड में महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में हो रहे उल्लेखनीय कार्यों की गूंज अब पड़ोसी जिलों तक भी सुनाई देने लगी है । इसी कड़ी में रविवार को बीजापुर जिले के दो अलग-अलग विकासखंडों से आए एक विशेष अध्ययन दल ने तोकापाल का दौरा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य यहाँ इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर के अंतर्गत संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करना और उनकी कार्यप्रणाली को गहराई से समझना था, ताकि इन सफल प्रयोगों को बीजापुर में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
भ्रमण के दौरान बीजापुर से आए दल ने तोकापाल ब्लॉक में संचालित पोल्ट्री फीड यूनिट, आजीविका सेवा केंद्र और ब्रूडिंग यूनिट का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही, उन्होंने उन्नत तकनीकों के माध्यम से किए जा रहे सब्जी उत्पादन और आजीविका उप-समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों का भी बारीकी से जायजा लिया। विशेष रूप से, दल ने सामुदायिक प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र के संचालन की व्यवस्था को देखा और यह समझा कि किस प्रकार स्थानीय स्तर पर प्रबंधन और प्रशिक्षण का कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण अध्ययन यात्रा में बीजापुर जिले के संकुल संगठन के पदाधिकारी, ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर, आईएफसी एंकर, सीनियर सीआरपी सहित पशु सखी और कृषि सखी शामिल थीं। तोकापाल संकुल संगठन की उप-समिति द्वारा किए जा रहे कार्यों और कुशल प्रबंधन को देखकर आगंतुक दल ने उनकी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने स्वीकार किया कि तोकापाल की दीदियों द्वारा किया जा रहा कार्य न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का एक आदर्श उदाहरण भी है। इस अध्ययन यात्रा का समापन एक सकारात्मक संकल्प के साथ हुआ। बीजापुर से आई दीदियों और अधिकारियों ने तोकापाल के मॉडल से प्रेरणा लेते हुए यह निश्चय किया कि वे अपने जिले में वापस जाकर इन गतिविधियों को प्रारंभ करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह तोकापाल में महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं, उसी तरह बीजापुर में भी इन योजनाओं को धरातल पर उतारकर वहां की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे