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सिरसा, 04 जनवरी (हि.स.)। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नेता दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी में एचटेट पात्रता परीक्षा में 1284 अभ्यर्थियों के चयन का मामला पूरी तरह से संदिग्ध है जिसकी जांच सीबीआई से करवाई जानी चाहिए। दिग्विजय रविवार को सिरसा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
दिग्विजय ने कहा कि बीती 30 तथा 31 जुलाई 2024 को एचटेट के परिणाम में जिस प्रकार का घोटाला हुआ है, उससे बगैर पर्ची व बगैर खर्ची का दावा करने वाली सरकार का चेहरा पूरी तरह उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार 1284 अभ्यर्थियों के नाम परिणाम में शामिल किए गए, उनके लिए न ही तो बायोमेट्रिक प्रकिया अपनाई गई और न ही सरकार ने इसमें कोई पारदर्शिता रखते हुए इनके नाम उजागर किए। इससे साफ है कि इस मामले में जमकर पर्ची व खर्ची भी चली। दिग्विजय ने इस प्रकरण को हरियाणा के युवाओं के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे शिक्षा जगत में सबसे बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने बताया कि शिक्षा भिवानी बोर्ड के तत्कालीन सचिव द्वारा इस परीक्षा का परिणाम पूरी तरह से पारदर्शिता से तैयार कर घोषणा की स्वीकृति के लिए बोर्ड चेयरमैन के पास भेजा था मगर बोर्ड चेयरमैन ने इसे पुन: बोर्ड के पास न केवल वापिस भेज दिया बल्कि सरकार ने बोर्ड सचिव को तुरंत प्रभाव से तबदील भी कर दिया।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन सचिव के कार्यकाल के दौरान जिन एजेंसियों के मार्फत परीक्षा परिणाम तय किया गया, उन्हें बाद में बोर्ड अध्यक्ष द्वारा घोटाले को अंजाम देने के लिए सिक्योरिटी ऑडिट के नाम पर गोपनीय सचिव कार्यालय के माध्यम से चौथी एजेंसी के माध्यम से परिणामों में चुपके से 1284 अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल कर दिए गए। उन्होंने सवाल पूछा कि आखिर ये 1284 अभ्यर्थियों को मार्जिन ऑफ एरर का लाभ देकर लाभान्वित किया गया जबकि शेष को इससे वंचित रखा गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ कोचिंग एजेंसियों से मिलीभगत कर इस घोटाले को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच करवाने की मांग की। जेजेपी नेता कहा कि यदि सरकार सीबीआई जांच से पीछे हटती है तो उनकी पार्टी इस मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में लेकर जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma