Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नूंह, 04 जनवरी (हि.स.)। नूंह जिले में बीते कुछ दिनों से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब हो रही है। जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।इस प्रदूषण में नूंह के पुराने नलेश्वर रोड पर खुले में डाला जा रहा कूड़ा वृद्धि कर रहा है। यहां जमा कचरे में अक्सर आग लग जाती है, जिससे पूरे इलाके में जहरीला धुआं फैल जाता है। कूड़े में लगी आग से उठने वाला जहरीला धुआं आसपास के क्षेत्रों में फैलकर लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल कर देता है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से ही सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धुएं के कारण आंखों में जलन, खांसी और सांस फूलने जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। नगर परिषद के कर्मचारी रोजाना पूरे शहर का कूड़ा इसी स्थान पर डाल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि नूंह जिला मुख्यालय पर नगर परिषद के पास अब तक कूड़ा डंपिंग यार्ड के लिए कोई स्थायी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध नहीं है। इसके चलते शहर का सारा कचरा आबादी के नजदीक खुले में फेंका जा रहा है, जो पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
पुराना नलेश्वर रोड न सिर्फ शहर का एक अहम मार्ग है, बल्कि इसी रास्ते से रोजाना सैकड़ों लोग मेडिकल कॉलेज, नलेश्वर शिव मंदिर, शनि देव मंदिर और आसपास के कई गांवों के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में जहरीले धुएं और बदबू के बीच लोगों का गुजरना मजबूरी बन गया है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नूंह में एक व्यवस्थित डंपिंग यार्ड की व्यवस्था की जाए और खुले में कूड़ा डालने की इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया