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सिलीगुड़ी, 3 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शनिवार को हाथियों और मानव समुदाय के बीच सह-अस्तित्व को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) की ओर से ‘गज उत्सव’ की शुरुआत की गई है। इससे पहले यह जागरूकता एवं संरक्षण अभियान तमिलनाडु, केरल, मेघालय, ओडिशा और उत्तराखंड जैसे राज्यों में सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है।
पश्चिम बंगाल में ‘गज उत्सव’ का शुभारंभ उत्तर बंग विश्वविद्यालय के रवीन्द्र भानु मंच पर आयोजित एक कार्यक्रम के माध्यम से हुआ। इस अवसर पर वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) बाला मुरुगन, वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के उपाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार तिवारी, कटिहार डिवीजन के एडीआरएम अजय सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
कार्यक्रम में वन विभाग, रेलवे और विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। आयोजकों के अनुसार, गज उत्सव का प्रमुख उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा सभी संबंधित संस्थाओं और समुदायों को साथ लेकर संरक्षण प्रयासों को आगे बढ़ाना है।
डब्ल्यूटीआई ने स्पष्ट किया कि जंगलों की रक्षा के साथ-साथ हाथियों और इंसानों, दोनों के जीवन की सुरक्षा इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है। वहीं, मुख्य वन संरक्षक बाला मुरुगन ने कहा कि गज उत्सव केवल सरकार या वन विभाग के प्रयासों से ही सफल नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है।
‘गज उत्सव’ अभियान का उद्देश्य हाथियों के पारंपरिक आवागमन मार्गों और उनके अधिकारों की रक्षा करना भी है। हाल के वर्षों में बढ़ती मानवीय गतिविधियों और प्राकृतिक आवासों के क्षरण के कारण मानव–हाथी संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि हुई है। ऐसे में ‘गज उत्सव’ इन चुनौतियों से निपटने और इस प्रतीकात्मक प्रजाति के लिए एक सुरक्षित, सकारात्मक और टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार