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लखनऊ, 19 जनवरी (हि.स.)। देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति सम्मान का प्रतीक राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर इस वर्ष राजधानी लखनऊ में सामाजिक संस्था जश्न-ए-आज़ादी की ओर से कई कार्यक्रम किए जाएंगे। 26 जनवरी को आयोजित होने वाले विविध कार्यक्रमों की जानकारी सोमवार को संस्था पदाधिकारियों ने प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर दी।
संस्था के संरक्षक रोहित अग्रवाल ने कहा कि 26 जनवरी हमारा राष्ट्रीय पर्व है, जो हमें संविधान, एकता और अखंडता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने देश में बिना किसी भेदभाव के आपसी भाईचारे के साथ रहना चाहिए, जिससे राष्ट्र निरंतर प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर हो सके। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गणतंत्र दिवस को पूरे हर्षोल्लास, देशभक्ति और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ मनाया जाएगा, जिसमें सभी वर्गों और धर्मों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
संस्थापक सदस्य मुर्तजा अली और बज्मी युनुस ने बताया कि संस्था की ओर से 26 जनवरी तक विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आज 19 जनवरी को गणतंत्र दिवस को उत्साहपूर्वक मनाने के सम्बंध में पदाधिकारियों से वार्ता कर रणनीति पर चर्चा की गई। 20 जनवरी को निःशुल्क स्वास्थ्य चिकित्सा शिविर, 21 जनवरी को शहीद स्मारक पर कैंडल जलाकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, 22 जनवरी को इंसानियत हॉस्पिटल, सर्वोदय नगर में रक्तदान शिविर, 23 जनवरी को शहर के विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण कार्यक्रम, 24 जनवरी को शहीदों एवं महापुरुषों की मूर्तियों की सफाई एवं माल्यार्पण तथा 25 जनवरी को भारतीय संविधान पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को प्रातः 11:05 बजे हज़रतगंज मल्टी-लेवल पार्किंग के बाहर सभी धर्मों के धर्माचार्यों की उपस्थिति में भव्य ध्वजारोहण किया जाएगा। ध्वजारोहण के पश्चात तिरंगे गुब्बारे और शांति के प्रतीक कबूतर आकाश में छोड़े जाएंगे। इसके बाद शाम को हज़रतगंज व्यापार मंडल एवं जश्न-ए-आज़ादी के संयुक्त तत्वावधान में देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभक्ति के तराने, बच्चों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रम विशेष आकर्षण होंगे तथा लड्डू का वितरण भी किया जाएगा।
जश्न-ए-आज़ादी की चेयरपर्सन रजिया नवाज ने कहा कि उनकी सोच हमेशा यही रही है कि जिस प्रकार सभी धर्मों के लोग अपने-अपने प्रमुख त्योहार—होली, दीपावली, ईद, गुरु पर्व और क्रिसमस को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाते हैं, उसी प्रकार राष्ट्रीय पर्वों को भी समान सम्मान, गरिमा और एकता के भाव के साथ मनाना हम सभी का दायित्व है। राष्ट्रीय पर्व हमें एक सूत्र में बांधते हैं और देश के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाते हैं।
इस आयोजन की सम्पूर्ण देखरेख वामिक खान द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी की शाम हज़रतगंज में “आजादी की एक यादगार शाम” के रूप में मनाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, गणतंत्र दिवस की सुबह शहर में बिखरे हुए तिरंगों को एकत्र कर उन्हें सम्मानपूर्वक सुरक्षित रखने का अभियान भी चलाया जाएगा।
जश्न-ए-आज़ादी के संस्थापक सदस्य मूर्तजा अली ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश को आज़ादी बड़े संघर्ष और बलिदानों के बाद मिली है और इस अमूल्य विरासत का उत्सव पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है। वहीं संस्था के पदाधिकारी ज़ुबैर अहमद ने कहा कि जिस तरह धार्मिक पर्व सामूहिक रूप से मनाए जाते हैं, उसी तरह राष्ट्रीय पर्वों को भी एकजुट होकर मनाना चाहिए, जिससे देशभक्ति की भावना और अधिक सशक्त हो।
संस्थापक सदस्य, समाजसेवी एवं पत्रकार अब्दुल वहीद ने कहा कि देश की आज़ादी अनगिनत कुर्बानियों का परिणाम है। देश में अमन-चैन, भाईचारा और सौहार्द बना रहे, यही जश्न-ए-आज़ादी की मूल भावना है। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।इस अवसर पर वेद व्रत बाजपेई, सुशील दुबे, सरदार जसबीर गांधी, प्रदीप सिंह बब्बू, इमरान खान,पी सी कुरील, शमशेर गाजीपुरी, अम्मार अनीस नग़रमी, मो. अफाक, फहीम सिद्दीकी, तौसीफ हुसैन, हलीमा अजीम, मो. कैफ आदि ने भी अपने विचार रखे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा