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रांची, 19 जनवरी (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि अल्पा साह का बयान भारत विरोधी विचारों से भरा है। ऐसे में मुख्यमंत्री उनसे मुलाकात करने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया है कि मुख्यमंत्री को पता भी है कि वे किससे मिलने जा रहे हैं। बाबूलाल ने कहा कि सूचना है कि मुख्यमंत्री 23 जनवरी को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर अल्पा शाह से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार की ओर से एजेंडा के रूप में संस्टेबल डेबलपमेंट बताया जा रहा है, लेकिन क्या मुख्यमंत्री और उनके सलाहकारों को इस विशिष्ट अतिथि की असलियत पता है।
इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा है कि अल्पा शाह वही हैं, जिन्हें उनके विचारों और लेखन के लिए अर्बन नक्सल और वामपंथी एजेंडे का समर्थक माना जाता है। इनकी पुस्तकें, जैसे नाइट मार्चः एमंग इंडियाज रेवेल्यूशनरी गुरिल्लास (नक्सलियों के बीच मेरे बीते दिनों की रोमांचक गाथा), सीधे तौर पर नक्सलियों के प्रति सहानुभूति और उन्हें क्रांतिकारी' बताने का प्रयास करती हैं। यह वही विचारधारा है जो कश्मीर को भारत से अलग करने और जनमत संग्रह की वकालत करती है, भारतीय सुरक्षा बलों पर अनर्गल आरोप लगाती है।
उन्होंने कहा कि अल्पा के विचार आदिवासियों को दिग्भ्रमित करते हैं और सामाजिक वैमनस्य फैलाने का काम करते हैं। नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया है कि क्या एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को ऐसी महिला से मिलना शोभा देता है, जिनका रिकॉर्ड भारत विरोधी बयानों और नक्सलवाद के महिमामंडन से भरा हो। क्या यह झारखंड की जनता और हमारे शहीदों का अपमान नहीं है। बाबूलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री, विदेशी धरती पर किस विचारधारा को मंच दे रहे हैं, इसपर उन्हें विचार करने की जरूरत है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे