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जयपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प के साथ देश आगे बढ़ रहा है और नारी शक्ति इसके केंद्र में है। हमारी डबल इंजन सरकार ने महिला सशक्तीकरण को जीवन के हर चरण से जोड़ा है। जिसमें मातृत्व से लेकर शिक्षा तक, शिक्षा से लेकर आजीविका तक और आजीविका से लेकर सम्मानजनक, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन तक को प्राथमिकता दी गई है।
शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर सामाजिक क्षेत्र में रूचि रखने वाली छात्राओं से बजट पूर्व संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मातृत्व वह आधार है, जहां से एक स्वस्थ समाज की शुरुआत होती है। इसी सोच के साथ हमने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को प्रभावी रूप से लागू किया है। इस योजना से प्रदेश की करीब 10 लाख महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। इसमें देय राशि को बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तीकरण सही मायने में तभी साकार होता है जब महिलाओं के हाथों में कौशल हो, आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध हों और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से राज्य में करीब 20 लाख महिलाओं को विभिन्न कौशल विकास और आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 12 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
शर्मा ने कहा कि बेटी के जन्म, उसकी शिक्षा और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए लाडो प्रोत्साहन योजना में दी जाने वाली राशि को बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बेटियों को अब तक साढ़े 10 लाख साइकिलें और करीब 40 हजार स्कूटियां दी गई हैं। वहीं, हमारी सरकार जरूरतमंद महिलाओं को 450 रुपये में गैस सिलेंडर भी उपलब्ध करवा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में युवाओं को रोजगार देना है। पिछले दो वर्षों में एक लाख से अधिक पदों पर सरकारी नौकरियां दी हैं। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संवर्गों के डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य में 3 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और निजी क्षेत्र में भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।
शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के संकल्प पर निरन्तर कार्य कर रही है। इसी क्रम में 10 जनवरी को नव चयनित कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए जिसमें 2500 से ज्यादा महिलाएं थी। यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक हुए, लेकिन हमारी सरकार में दो वर्ष में पेपरलीक नहीं हुआ और पूर्ण पारदर्शी तरीके से भर्ती प्रक्रियाएं आयोजित हो रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने में महिलाएं अपना योगदान दें। राजस्थान में पर्यटन, उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार संबंधी अपार संभावनाएं हैं, जिसमें महिलाएं भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। स्टार्टअप्स और मार्केटिंग के क्षेत्र में भी नये आयाम स्थापित कर सकती हैं। उन्होंने 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाए जाने वाले युवा दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दी और कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा था 21वीं सदी भारत की होगी। उनका कथन ‘उठो-जागो और तब तक मत रूको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो’ हम सब को प्रेरित करता है।
शर्मा ने कहा कि प्रदेश का विकास तभी पूर्ण होगा, जब हमारी बेटियां शिक्षित, सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आत्मसम्मान से भरी हों। विकास तभी सार्थक होता है, जब उसमें आधी आबादी की भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि इस संवाद से जो सुझाव मिले हैं, वे हमारे नीति-निर्माण के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव कौशल एवं उद्यमिता संदीप वर्मा, प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया, प्रमुख शासन सचिव महिला एवं बाल विकास भवानी सिंह देथा सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी एवं तकनीकी शिक्षा व उच्च शिक्षा के संस्थानों की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश