साप्ताहिक समीक्षा : वैश्विक दबाव में घरेलू शेयर बाजार के दोनों सूचकांक में आई गिरावट
नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। सोमवार से शुक्रवार तक हुए कारोबार के बाद घरेलू शेयर बाजार साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई के सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी दोनों सूचकांक सप्ताह के पांचो कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पूरे सप्ताह
प्रतीकात्मक


नई दिल्ली, 11 जनवरी (हि.स.)। सोमवार से शुक्रवार तक हुए कारोबार के बाद घरेलू शेयर बाजार साप्ताहिक आधार पर बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई के सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी दोनों सूचकांक सप्ताह के पांचो कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुए। पूरे सप्ताह गिरावट का शिकार होने की वजह से सेंसेक्स साप्ताहिक आधार पर 2,185.77 अंक टूट कर 83,576.24 अंक के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी ने साप्ताहिक आधार पर 645.25 अंक लुढ़क कर 25,683.30 अंक के स्तर पर पिछले सत्र के कारोबार का अंत किया।

पिछले सप्ताह के कारोबार में बीएसई का लार्जकैप इंडेक्स 2.50% की कमजोरी का शिकार हो गया। इस इंडेक्स में शामिल आईडीबीआई बैंक, स्विगी, ट्रेंट लिमिटेड, अदानी एनर्जी सॉल्यूशंस और वारी एनर्जिज के शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, टाइटन कंपनी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, आईसीआईसीआई बैंक, डिवीज लेबोरेट्रीज, सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया और ल्यूपिन के शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल हुए।

लार्जकैप की तरह ही बीएसई का मिडकैप इंडेक्स भी सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के बाद साप्ताहिक आधार पर 2.60% की कमजोरी का शिकार होकर बंद हुआ। इस इंडेक्स में शामिल प्रीमियर एनर्जीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज, सुजलॉन एनर्जी, जिंदल स्टेनलेस, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और रेल विकास निगम के शेयर टॉप लूजर्स की सूची में शामिल हुए। दूसरी ओर, एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स, नेशनल अल्युमिनियम कंपनी, आईपीसीए लेबोरेट्रीज और टाटा एलेक्सी के शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल हुए।

पिछले सप्ताह के कारोबार में सबसे बड़ी गिरावट स्मॉलकैप इंडेक्स में दर्ज की गई। ये इंडेक्स साप्ताहिक आधार पर 4% की गिरावट का शिकार हो गया। इस इंडेक्स में शामिल ज्यादातर कंपनियां के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। इनमें सिस्टमैटिक्स कॉरपोरेट सर्विसेज, वर्थ इन्वेस्टमेंट एंड ट्रेडिंग, बालू फोर्ज इंडस्ट्रीज, स्टैलियन इंडिया फ्लोरोकेमिकल्स, संदूर मैंगनीज एंड आयरन ओर्स, वीटीएम, किरी इंडस्ट्रीज, इंडियन मेटल एंड फेरो एलॉयज, साई सिल्क्स कलामंदिर, वार्ड विजार्ड इन्नोवेशंस एंड मोबिलिटी, ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स इंडिया, बाजार स्टाइल रिटेल, कीटेक्स गारमेंट्स, इलेकॉन इंजीनियरिंग कंपनी और फेस 3 के शेयर साप्ताहिक आधार पर 15 से 23% तक की गिरावट का शिकार हो गए।

सेक्टोलर फ्रंट पर देखें, तो निफ्टी के ऑयल एंड गैस, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स चार प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक गिरावट का शिकार हुए। इसी तरह निफ्टी के रियल्टी, मेटल, मीडिया और ऑटोमोबाइल इंडेक्स में भी दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी का डिफेंस इंडेक्स 1.3 प्रतिशत की साप्ताहिक कमजोरी का शिकार हुआ, जबकि निफ्टी का कंज्यूमर ड्यूरेबल इंडेक्स पूरे सप्ताह के कारोबार के बाद एक प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 500 प्रतिशत तक टैरिफ बढ़ाने की धमकी, कमजोर ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की की कीमत में आई तेजी ने बाजार को गिराने में मुख्य भूमिका अदा की। धामी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत धामी का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बाइपार्टिजन सैंक्शन बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी देकर रूस के सहयोगी देशों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का प्रत्यक्ष संकेत दे दिया है। इस विधेयक में रूस के साथ कारोबार जारी रखने वाले देशों के खिलाफ 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। अगर ये विधेयक मंजूर हो जाता है, तो इससे भारत और चीन जैसे देश सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।

इसी वजह से एक्सपोर्ट पर फोकस करने वाली ज्यादातर कंपनियों के शेयर में पिछले सप्ताह के दौरान जमकर बिकवाली होती रही। पिछले सप्ताह के कारोबार में एक बार फिर विदेशी निवेशक बिकवाल (सेलर) की भूमिका में बने रहे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) विदेशी निवेशकों की बिकवाली का जवाब देने के लिए लगातार खरीदारी करते रहे। सोमवार से शुक्रवार तक के कारोबार के दौरान विदेशी संस्थागत निवेशकों ने कुल 9,209.90 करोड़ रुपये के शेयर की बिक्री की। इसके जवाब में घरेलू संस्थागत निवेशकों ने पूरे सप्ताह के कारोबार के दौरान 17,594.58 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीद कर शेयर बाजार को काफी हद तक सपोर्ट दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक