यूपी की पुलिसिंग स्मार्ट और जन-विश्वास पर हाेगी आधारित : पुलिस महानिदेशक
लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लखनऊ पुलिस कमिश्ररेट के छठे स्थापना दिवस पर रविवार को महानगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में एक समारोह का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में श
पुलिस कर्मियों को संबोधित करते डीजीपी


डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को किया सम्मानित


बड़े खाना में पुलिस कर्मियों को भोजन परोसते डीजीपी


लखनऊ, 11 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में लखनऊ पुलिस कमिश्ररेट के छठे स्थापना दिवस पर रविवार को महानगर स्थित रिजर्व पुलिस लाइन में एक समारोह का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया। इस अवसर पुलिस लाइन में बड़े आयोजन किया गया, जिसमें समस्त अधिकारी एवं पुलिस लाइन व जिले के समस्त थानों में कार्यरत पुलिस कर्मी भी समिल्लित हुए। इस अवसर पर डीजीपी ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील एवं जन-विश्वास आधारित होगी।

डीजीपी ने पुलिस कमिश्ररेट के स्थापना दिवस पर सभी पुलिस कर्मियों और अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके योगदान की सराहना की है। इस अवसर पर उन्होंने 19 पुलिस कर्मियों को व्यक्तिगत रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस की उपलब्धियों का श्रेय बल के अनुशासन, साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा को जाता है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 के बाद लखनऊ पुलिस ने साइबर अपराध को संरचित एवं तकनीकी प्राथमिकता के रूप में विकसित किया है, जिसके अंतर्गत समर्पित साइबर क्राइम थाना, साइबर सेल तथा प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। साइबर अपराध की बदलती प्रकृति को देखते हुए उप निरीक्षकों को साइबर अपराध, विशेषकर साइबर ठगी में धन की त्वरित रोकथाम तथा आईटी एक्ट से संबंधित विवेचनाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों एवं पिंक बूथों पर तैनात पुलिसकर्मी महिला सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर लाभान्वित करा रहे हैं। साथ ही सभी आरटीसी केन्द्रों पर पीपीटी व तकनीकी माध्यमों से गुणवत्तापूर्ण एकीकृत प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है।

डीजीपी ने कहा कि भविष्य की पुलिसिंग स्मार्ट, संवेदनशील एवं जन-विश्वास आधारित होगी। तकनीक केवल साधन है, जबकि सफलता की वास्तविक कसौटी आम नागरिक को शीघ्र न्याय एवं राहत प्रदान करना है। हमें सेवा के ऐसे मानक स्थापित करना है जिससे हमारे नागरिकों को पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के लाभकारी परिणाम दिखायी पड़ें। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाहों के त्वरित खंडन के लिए डिजिटल सतर्कता पर बल देते हुए सुरक्षा, सेवा और सुशासन के मंत्र के साथ लखनऊ पुलिस को और अधिक आधुनिक बनाने का आह्वान किया तथा पुलिस का अंतिम लक्ष्य जन-सुरक्षा एवं जन-कल्याण बताया।

बाेले पुलिस आयुक्त

पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने इस अवसर पर कहा कि पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने बीते छह वर्षों में अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, वीवीआईपी सुरक्षा, जनसंपर्क एवं पुलिस कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। यह स्पष्ट है कि पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ केवल अपराधियों पर ही नहीं, बल्कि अपराध की जड़ों, संगठनों एवं अवैध आर्थिक स्रोतों पर भी निर्णायक प्रहार कर रही है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ सुरक्षा, सेवा एवं विश्वास के मूल मंत्र के साथ भविष्य में भी और अधिक सशक्त, आधुनिक एवं संवेदनशील पुलिसिंग प्रदान करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सफलता

वर्ष 2020 में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद से लखनऊ की पुलिसिंग में गुणात्मक सुधार दर्ज किया गया है। विगत 06 वर्षों में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है तथा हत्या, लूट एवं डकैती जैसी संगीन घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। विशेष रूप से वर्ष 2025 में लखनऊ जनपद में डकैती की एक भी घटना का न होना, पुलिस कमिश्नरेट की प्रभावी कार्यप्रणाली, सतर्कता एवं सुदृढ सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण प्रमाण है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने सेफ सिटी की अवधारणा को अपनाते हुए महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। जिसके फलस्वरूप महिला संबंधी अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जो महिला सुरक्षा एवं सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पुलिस कल्याण एवं अधोसंरचना विकास

पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए मृतक आश्रितों को नियुक्ति, चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का त्वरित निस्तारण, पीएसपी पैकेज के अंतर्गत बीमा राशि प्रदान करने के साथ बैरक, हॉस्टल, आवासीय भवन, 06 नवीन पुलिस थानों के प्रशासनिक-आवासीय भवन तथा 700 महिला रिक्रूट आरक्षियों के लिए हॉस्टल व अकादमिक ब्लॉक का संचालन किया गया है

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश के दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक निर्णय के फलस्वरूप 13 जनवरी 2020 को लखनऊ में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई। इस नई पुलिसिंग व्यवस्था का उद्देश्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सुदृढ़, आधुनिक एवं जनोन्मुखी बनाना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक