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गोरखपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। सिंधी भाषा के संरक्षण, संवर्धन एवं शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रविवार को राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली के तत्वावधान में सिंधी भाषा के डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स की वार्षिक परीक्षा का आयोजन गोरखपुर केंद्र पर सफलतापूर्वक किया गया।
गोरखपुर केंद्र पर परीक्षा शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं पूर्ण अनुशासनात्मक वातावरण में संपन्न हुई। परीक्षा संचालन के लिए निर्धारित सभी मानकों एवं दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन किया गया। केंद्र अधीक्षकों, कक्ष निरीक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ की सतर्कता के कारण परीक्षा प्रक्रिया समयबद्ध एवं पारदर्शी रही। परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
परीक्षा आयोजन में स्थानीय शिक्षाविदों, भाषा-प्रेमियों, समाजसेवियों एवं स्वयंसेवकों का उल्लेखनीय सहयोग प्राप्त हुआ। सभी ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं जिम्मेदारी के साथ किया, जिससे यह आयोजन एक सुव्यवस्थित परीक्षा संचालन का उदाहरण बन सका। परीक्षार्थियों में परीक्षा को लेकर उत्साह एवं आत्मविश्वास का वातावरण देखा गया।
इस अवसर पर संतोषी केशवानी, अध्यक्ष सिंध सेवक समाज ने राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, नई दिल्ली के पदाधिकारियों, परीक्षा समिति के सदस्यों, केंद्र अधीक्षकों, कक्ष निरीक्षकों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिंधी भाषा भारतीय भाषाई एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण अंग है और इस प्रकार की परीक्षाएं भाषा को शैक्षणिक पहचान प्रदान करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में भाषायी संरक्षण की दिशा में ऐसे प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं। परिषद द्वारा किए जा रहे शैक्षणिक एवं अकादमिक कार्य सिंधी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ आधार प्रदान कर रहे हैं। श्री केशवानी ने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में परिषद के सहयोग से भाषा-विकास, प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का और भी आयोजन किया जाएगा, जिससे सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय