झूठा पाया गया सीडीपीओ की 20 सूत्री उपाध्यक्ष समेत दो पर दर्ज कराई गई प्राथमिक में रंगदारी का आरोप
नवादा, 11 जनवरी (हि.स.)।नवादा जिले के पकरीबरमा के आरक्षी उपाधीक्षक राकेश कुमार भास्कर ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा है कि कौवाकोल के सीडीपीओ अंजली कुमारी ने प्रखंड 20सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा सहित दो लोगों पर कार्यालय में रंगदारी मांगने
जानकारी देते पुलिस उपाधीक्षक


नवादा, 11 जनवरी (हि.स.)।नवादा जिले के पकरीबरमा के आरक्षी उपाधीक्षक राकेश कुमार भास्कर ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा है कि कौवाकोल के सीडीपीओ अंजली कुमारी ने प्रखंड 20सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा सहित दो लोगों पर कार्यालय में रंगदारी मांगने का आरोप झूठा पाया गया है।

पुलिस उपाधीक्षक ने बताया कि 9 जनवरी 26 को कौवाकोल के सीडीपीओ अंजली कुमारी ने थाने पहुंचकर 20सूत्री के उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा तथा विनय कुशवाहा पर रंगदारी मांगने संबंधी प्राथमिकी दर्ज कराई थी ।उन्होंने कहा कि इसके पूर्व 20 सूत्री कमेटी की बैठक में बाल विकास परियोजना में अनियमितता का आरोप लगाया गया था। बैठक में प्रति आंगनबाड़ी केंद्र तीन से चार महिनवारी अवैध रकम वसूलने का आरोप लगाया गया था। इस आरोप प्रत्यारोप के संदर्भ में ही कार्यालय में सीडीपीओ से दोनों की बात हुई थी लेकिन सीडीपीओ ने रंगदारी मांगने का झूठा मामला दर्ज कराया। जिसके विरुद्ध पुलिस अधिकारियों ने त्वरित जांच शुरू कर दी थी।

कमेटी के उपाध्यक्ष उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा ने कहा है कि अभी नीतीश कुमार की सुशासन की सरकार चल रही है। जिसमें कोई भी रिश्वतखोरी नहीं कर सकता है ।अगर वह करेगा तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी। सीडीपीओ ने आंगनवाड़ी कलकेन्द्रों से रुपए वसूलने के गलत कारनामों को छुपाने के लिए फर्जी प्राथमिक की दर्ज कराई थी,लेकिन पुलिस अधिकारियों ने जांच कर इसे दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।

याद रहे कि कौआकोल सीडीपीओ अंजली कुमारी ने भाजपा पूर्वी मण्डल अध्यक्ष सह 20 सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा एवं विनय कुशवाहा के विरुद्ध कौआकोल थाना में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दोनों नेताओं पर सीडीपीओ द्वारा आरोप लगाया गया है कि 09 जनवरी 2026 को उनके कार्यालय में 20 सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा एवं विनय कुशवाहा अनाधिकृत रूप से प्रवेश कर काम नहीं करने की धमकी दी गई।

वहीं उन दोनों पर सीडीपीओ ने रंगदारी मांगने का भी आरोप लगाया था। दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि 20सूत्री उपाध्यक्ष द्वारा पूर्व में भी उनके कार्य में हस्तक्षेप, निरीक्षण के दौरान घेर कर मारने की धमकी दी गई। सीडीपीओ के अनुसार घटना की सीसीटीवी फुटेज एवं मोबाइल में धमकी देने का रिकॉर्डिंग भी साक्ष्य के रूप में रहने की बात कही गई थी,जो बेबुनियाद पाए गए।

विश्व स्त्री कमेटी के सदस्यों ने कहा है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध व्यापक अभियान चलेगा बाल विकास परियोजना सबसे भ्रष्टतम विभाग है जिसके विरुद्ध व्यापक अभियान चलाया जाएगा ।

सीडीपीओ का कहना था कि इस तरह की घटना के बाद उनके कार्यालय के कर्मियों में दहशत का माहौल कायम हो गया है। तथा वे खुद कार्य करने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। लेकिन और अच्छी उपाधीक्षक ने रंगदारी मांगने के आप को बेबुन याद करा कर सीडीपीओ के आप की हवा ही निकाल कर रख दी है ।

वहीं इस सम्बध में 20 सूत्री उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा का कहना है कि सीडीपीओ के खिलाफ गंभीर आरोप रहने के कारण 20सूत्री की बैठक में मुद्दा उठाये जाने के बाद बीडीओ द्वारा जांच टीम का गठन किया गया। जिसे प्रभावित करने के उद्देश्य से सीडीपीओ द्वारा बेवजह आरोप लगाकर झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजय कुमार सुमन