यमुनानगर: संघ के शताब्दी वर्ष पर राष्ट्रीय चेतना का आह्वान
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार को महाराजा अग्रसेन कॉलेज, जगाधरी में एक प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन किया गया
गोष्ठी में सम्बोधित करते हुए वक्ता


यमुनानगर, 11 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार को महाराजा अग्रसेन कॉलेज, जगाधरी में एक प्रबुद्ध जन गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सामूहिक वंदे मातरम गान के साथ हुआ। गोष्ठी में संघ के शताब्दी कालखंड, उसके वैचारिक योगदान और सामाजिक भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता गौ सेवा एवं संवर्धन गतिविधि, हरियाणा प्रांत के संयोजक महेंद्र कंसल ने संघ की शताब्दी यात्रा को राष्ट्र सेवा, अनुशासन और संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि संघ की स्थापना समाज और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से की गई थी। कंसल ने आपातकाल के दौर में स्वयंसेवकों के त्याग, भारत-चीन युद्ध के समय संघ की भूमिका तथा राष्ट्रीय आयोजनों में स्वयंसेवकों की सहभागिता जैसे ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए संघ की राष्ट्रनिर्माण में भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि संघ की वास्तविक ताकत उसके स्वयंसेवकों के चरित्र, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा में निहित है। आपदाओं से लेकर सामाजिक सरोकारों तक, संघ ने समाज को संगठित कर देशहित में निरंतर कार्य किया है। युवाओं से उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने और राष्ट्रहित में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया। राष्ट्र सेविका समिति, हरियाणा प्रांत की संपर्क प्रमुख डॉ. पूनम वधवा ने संघ के ‘पंच परिवर्तन’ संकल्प पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सामाजिक और वैचारिक परिवर्तन के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सामाजिक समरसता, स्वदेशी दृष्टिकोण, आत्मनिर्भरता और पारिवारिक मूल्यों को अपनाने पर बल दिया। उनका कहना था कि संघ समाज को प्रेरित करता है ताकि प्रत्येक नागरिक राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझे और निभाए। कार्यक्रम में महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय सभा, जगाधरी के महासचिव डॉ. अश्वनी गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता जिला संघचालक डॉ. रमेश धारीवाल ने की। गोष्ठी के दौरान प्रचार विभाग की ओर से साहित्य बिक्री स्टॉल भी लगाया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार