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भुवनेश्वर, 11 जनवरी (हि.स.)। ओडिशा के वाणिज्य एवं परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) और इसके उल्लंघन पर लगाए गए ₹10,000 के जुर्माने को लेकर विपक्ष पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
मंत्री जेना ने कहा कि यह जुर्माना वर्ष 2019 में तत्कालीन बीजू जनता दल सरकार द्वारा लागू किया गया था और अब वही सरकार इस मुद्दे पर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इस जुर्माने की राशि को कम करने की योजना बना रही है।
प्रदूषण जांच व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि राज्य में प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या 2019 में 52 थी, जो अब बढ़कर 1,500 से अधिक पंजीकृत केंद्रों तक पहुंच गई है, जिनमें 2,000 से अधिक सक्रिय मशीनें कार्यरत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब नए केंद्रों को आवेदन के 24 घंटे के भीतर मंजूरी दी जा रही है।
इसके बावजूद मंत्री ने चिंता जताई कि ओडिशा में केवल 21 प्रतिशत वाहनों के पास ही वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र है, जिससे नियमों के सख्त पालन की आवश्यकता बनती है।
मंत्री जेना ने कहा कि राज्य सरकार जनहित, पर्यावरण संरक्षण और कानून के पालन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जनता की मांगों के अनुसार निर्णयों पर पुनर्विचार के लिए भी तैयार है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो