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बलरामपुर, 11 जनवरी (हि.स.)। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम तेतरडीह में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर आदिवासी योद्धा वीर शहीद नीलांबर और पीतांबर की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। खेरवार, खरवार और खैरवार आदिवासी समाज के संयुक्त तत्वावधान में आज रविवार काे आयोजित इस सामाजिक महासम्मेलन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में समाजजन शामिल हुए। आयोजन स्थल पर दिनभर आदिवासी संस्कृति, इतिहास और एकता का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत नीलांबर-पीतांबर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके पश्चात आयोजित सभा में वक्ताओं ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका और आदिवासी समाज के आत्मसम्मान पर विस्तार से विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि नीलांबर-पीतांबर केवल ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे अन्याय के खिलाफ संघर्ष और स्वाभिमान की मिसाल थे।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने बताया कि 19वीं सदी में नीलांबर-पीतांबर ने 1857 के क्रांतिकारी दौर में पलामू क्षेत्र में अंग्रेजी शासन और स्थानीय जमींदारी शोषण के विरुद्ध जनआंदोलन का नेतृत्व किया। खरवार (भोगता) आदिवासी समाज से जुड़े इन दोनों भाइयों ने जंगल और पहाड़ों को संघर्ष का आधार बनाते हुए गुरिल्ला युद्ध के माध्यम से अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। लंबे संघर्ष के बाद 28 मार्च 1859 को लेस्लीगंज में उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान आज भी आदिवासी समाज को संघर्ष की प्रेरणा देता है।
खैरवार समाज युवा प्रभाग के प्रदेश अध्यक्ष अमित सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नीलांबर-पीतांबर का जीवन आज के युवाओं के लिए मार्गदर्शन है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज आने वाले समय में शिक्षा, रोजगार, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर संगठित रूप से आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में महिलाओं की भागीदारी को समाज की बड़ी ताकत बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि नारी शक्ति की सक्रिय भूमिका के बिना किसी भी सामाजिक परिवर्तन की कल्पना नहीं की जा सकती। पूरे आयोजन के दौरान आदिवासी एकता और शहीदों के सम्मान में लगाए गए नारों से वातावरण गूंजता रहा।
महासम्मेलन के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने समाज को संगठित रखने, अपने अधिकारों की रक्षा करने और अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन नीलांबर-पीतांबर के जयघोष के साथ हुआ।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय