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पूर्वी सिंहभूम, 11 जनवरी (हि.स.)।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम में बदलाव के फैसले के खिलाफ आंदोलन के तहत रविवार को एक दिवसीय उपवास सह धरना दिया।
यह धरना साकची स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के समक्ष आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
धरने को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा का नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा और उनकी छवि को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला केवल नाम परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से योजना की मूल भावना को भी प्रभावित किया जा रहा है। परविंदर सिंह ने कहा कि मनरेगा गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण तबके के लिए जीवनरेखा साबित हुई है और इससे करोड़ों लोगों को रोजगार मिला है।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 60:40 के खर्च अनुपात को लागू कर राज्य सरकारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिससे राज्यों के लिए योजना का प्रभावी क्रियान्वयन कठिन होता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस फैसले को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी और इसके खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मनरेगा से जुड़े फैसलों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक