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कोलकाता, 11 जनवरी (हि. स.)। पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जांच एजेंसियों के कार्य में सीधे हस्तक्षेप, प्रशासनिक मर्यादाओं के उल्लंघन और विपक्ष के नेता पर योजनाबद्ध हमलों का गंभीर आरोप लगाया है। रविवार को सॉल्टलेक स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री का हालिया आचरण न केवल अनैतिक है, बल्कि पूरी तरह असंवैधानिक भी है।
शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में सरकारी कर्मचारियों से फाइलें छीनकर एक विशेष वाहन में रखवाईं, ताकि भ्रष्टाचार से जुड़े अहम दस्तावेजों को छिपाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासनिक शक्ति का इस तरह दुरुपयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक शिष्टाचार का घोर उल्लंघन है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री के इस व्यवहार, राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की भूमिका को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो चुकी है। इससे पूरे देश में पश्चिम बंगाल की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसी से जनता का ध्यान हटाने के लिए विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी पर लगातार हमले कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नंदीग्राम विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव तक, एक ही विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की निरंतर बढ़त को तृणमूल कांग्रेस स्वीकार नहीं कर पा रही है। विपक्ष के नेता चुने जाने के बाद से ही शुभेंदु अधिकारी और उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। झूठे मुकदमे दर्ज करना, पुराने मामलों को दोबारा खोलना, अभद्र भाषा में हमले, घर के सामने माइक लगाकर उकसावे, सभाओं और रैलियों पर रोक तथा सामान्य रैली की अनुमति के लिए भी 104 बार उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की मजबूरी, इसके स्पष्ट उदाहरण हैं।
शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि अतीत में कूचबिहार में भाजपा नेताओं और विपक्ष के नेता की गाड़ियों पर पेट्रोल छिड़ककर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश की गई थी। हाल ही में चंद्रकोणा में बिना किसी उकसावे के, रात में लौटते समय उन पर हमला किया गया।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के साथ तैनात सीआईएसएफ जवानों को ‘बाहरी’ कहना राष्ट्रीय सुरक्षा बल का अपमान है। यह दर्शाता है कि तृणमूल कांग्रेस संवैधानिक ढांचे को मानने से इनकार कर रही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आठ जनवरी को ईडी की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री का पूरे प्रशासन के साथ मौके पर पहुंचना पूर्व-नियोजित था। मुख्यमंत्री की गाड़ी की नंबर प्लेट बदलना, फाइलें छीनना और दस्तावेजों को छिपाना इस बात की ओर इशारा करता है कि कोयला घोटाला, हवाला और राजनीतिक धन के तार कहां तक जुड़े हैं। अदालत के आदेश से चल रही जांच में बाधा डालना और उच्च न्यायालय में सुनवाई रोकने की कोशिश से राज्य में संवैधानिक संकट और गहरा हुआ है।
शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पिछले 14 वर्षों में 300 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। लगातार राजनीतिक हिंसा, लोकतंत्र का दमन, तुष्टीकरण और घुसपैठ को बढ़ावा देकर राज्य को खतरनाक स्थिति में पहुंचा दिया गया है। उद्योगपति, श्रमिक और छात्र राज्य छोड़ रहे हैं और बंगाल बड़े पैमाने पर पलायन के दौर से गुजर रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तानाशाही और संविधान विरोधी सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से ही सत्ता से बाहर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके विरोध में रविवार शाम चार बजे विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में जादवपुर आठ-बी बस स्टैंड से रासबिहारी तक विरोध मार्च निकाला जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता