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शिमला, 10 जनवरी (हि.स.)। जिला शिमला में उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सभी राजस्व अधिकारियों को 31 मार्च 2026 तक लंबित तक़सीम मामलों का समाधान समयबद्ध तरीके से करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशानुसार उपायुक्त ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के साथ बैठक कर इस बाबत रणनीति तैयार की। उन्होंने कहा कि अब हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को तक़सीम मामलों की सुनवाई अनिवार्य होगी ताकि महीने में कम से कम 12 दिन सुनवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा हर शनिवार को सुनवाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और समीक्षा रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को भेजी जाएगी।
उपायुक्त ने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि वे निजी भूमि, वन भूमि और सरकारी भूमि का पूरा विवरण प्रस्तुत करें तथा राजस्व अदालतों में लंबित मामलों का विवरण भी उपलब्ध कराएं। इसमें प्रत्येक मामले का प्रकार और कितने दिन से लंबित है, जैसी जानकारी शामिल होगी। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में पार्टिशन से जुड़े 1355 मामले लंबित थे, जिनमें 6 जनवरी 2026 की लोक अदालतों में कुल 12 मामलों का निपटारा हो पाया।
अनुपम कश्यप ने कहा कि सभी फील्ड स्टाफ और राजस्व अधिकारियों को लंबित मामलों के समाधान में पूरी प्रतिबद्धता दिखानी होगी और किसी भी मामले में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में राजस्व मामलों का त्वरित और समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी लंबित दुरुस्ती संबंधी मामलों को 31 मार्च, 2026 तक पूरा करने के निर्देश जारी हैं। उपायुक्त ने भरोसा जताया कि जिला प्रशासन इस लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करेगा और नागरिकों को उनकी भूमि संबंधी समस्याओं का शीघ्र समाधान मिलेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा