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शिमला, 10 जनवरी (हि.स.)। देश में ‘फल राज्य’ के रूप में पहचान रखने वाले हिमाचल प्रदेश में अब नीली क्रांति के जरिए किसानों और मछली पालकों के जीवन में समृद्धि आ रही है और इसका श्रेय वर्तमान राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना को दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन के उद्देश्य से मत्स्य क्षेत्र में कई अहम निर्णय लिए हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। युवाओं को गांव में ही स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से वर्ष 2024-25 में शुरू की गई इस योजना ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का काम किया है। राज्य में वर्ष 2022-23 में मछली उत्पादन 17 हजार मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर करीब 19 हजार मीट्रिक टन हो गया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने शनिवार काे यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि गोविंद सागर, पोंग डैम और कोल डैम जैसे बड़े जलाशयों में मछली उत्पादन में हुई बढ़ोतरी से यह स्पष्ट हुआ है कि आधुनिक प्रबंधन और स्थानीय लोगों की भागीदारी से गांवों में ही रोजगार के स्थायी अवसर पैदा किए जा सकते हैं। सरकार ने संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस योजना को बिलासपुर, मंडी, ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है।
वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें प्रदेश की विकास यात्रा में भागीदार बनाया जा रहा है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना में प्रति हेक्टेयर 12.40 लाख रुपये की इकाई लागत तय की गई है, जिसमें सरकार द्वारा 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे और सीमांत मछली पालकों पर आर्थिक बोझ न पड़े। इसके साथ ही छोटे मछली पालकों के लिए 500 वर्ग मीटर की इकाई पर भी वित्तीय सहायता देने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने मत्स्य पालन को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक ब्रूड बैंक स्थापित करने का भी निर्णय लिया है, जिसके तहत जिला सोलन के नालागढ़ में कार्प मछली ब्रूड बैंक और पतलीकूहल में ट्राउट मछली ब्रूड बैंक स्थापित किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक ब्रूड बैंक पर लगभग पांच करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है, जिससे किसानों को अच्छी गुणवत्ता का मछली बीज उपलब्ध हो सकेगा। इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 में योजना के अंतर्गत पांच हेक्टेयर क्षेत्र में नए मछली तालाब बनाने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 50 लाख रुपये का बजट रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य गांव-देहात में ही लोगों को स्वरोजगार उपलब्ध करवा कर उनके जीवन में खुशहाली लाना है और मुख्यमंत्री कार्प मत्स्य पालन योजना के माध्यम से राज्य में मत्स्य क्रांति आ रही है, जिससे मछली पालन से जुड़े 20 हजार से अधिक परिवारों का भविष्य उज्ज्वल हो रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा