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कानपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में कानपुर जिले के सचेण्डी थाना क्षेत्र अंतर्गत 14 वर्षीय किशाेरी से गैंगरेप मामले में शनिवार को कमिश्नरेट पुलिस ने निलंबित फरार चल रहे आरोपित चौकी इंचार्ज अमित मौर्य पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस की चार टीमें उनकी तलाश कर रही हैं। यूट्यूबर शिवबरन को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके साथ ही मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी को निलंबित, एसीपी को लाइन हाजिर और डीसीपी को कानपुर मुख्यालय में अटैच किया है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध विनोद कुमार सिंह ने शनिवार काे बताया कि सचेण्डी में नाबालिग से गैंगरेप मामले में कई बड़ी कार्रवाइयां की जा चुकी हैं। इनमें मुख्य आरोपित यूट्यूबर शिवबरन यादव को बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। दूसरा आरोपित निलंबित चौकी इंचार्ज अमित मौर्य मौके से फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें उसके गृह जनपद गोरखपुर से लेकर प्रयागराज और वाराणसी में दबिश दे रही हैं। इसके अलावा एक टीम लखनऊ के लिए भी रवाना हुई है। घटना के बाद से ही आरोपित ने अपना मोबाइल स्विच ऑफ कर लिया है, जिस वजह से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
उल्लेखनीय है कि बीती मंगलवार को सचेण्डी थाना में 14 वर्षीय किेशाेरी के साथ हुए सामुहिक दुष्कर्म की घटना में अज्ञात दाे लाेगाें के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मामले में पीड़ित के बयानों व अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) कपिल देव सिंह की जांच में पाया गया कि प्रभारी विक्रम सिंह ने मुकदमा में पॉस्को की धारा नहीं लगाया। साथ ही नाम नामजद होने के बावजूद थाना प्रभारी ने मुकदमा अज्ञात के खिलाफ दर्ज किया। इस लापरवाही के चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया तो वहीं मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में पनकी एसीपी शिखर को लाइन हाजिर किया, जबकि पुलिस उपायुक्त पश्चिम दिनेश त्रिपाठी को पुलिस आयुक्त मुख्यालय में अटैच किया गया है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप