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उत्तरकाशी, 10 जनवरी (हि.स.)। जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला अध्यक्ष प्रदीप रावत की अध्यक्षता में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ की तैयारी बैठक संपन्न हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए मनरेगा को बचाने के लिए एक व्यापक जनआंदोलन छेड़ने का संकल्प लिया गया।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर “मनरेगा बचाओ संग्राम” अभियान के तहत शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी उत्तरकाशी ने संगठनात्मक बैठक कार्यक्रम की शुरुआत की है। कार्यक्रम का उद्देश्य मनरेगा के मूल स्वरूप की रक्षा करना, ग्रामीण गरीबों को रोजगार के अधिकार की गारंटी सुनिश्चित करना तथा केंद्र सरकार द्वारा लाए जा रहे जी राम जी जैसे जनविरोधी प्रावधानों को वापस लेने के लिए व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार करना रहा।
आज मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि पहाड़ और ग्रामीण भारत के लाखों परिवारों की आजीविका की मजबूत रीढ़ है। उत्तरकाशी जैसे पर्वतीय जिलों में, जहां रोजगार के अवसर सीमित हैं, वहां मनरेगा गरीबों, महिलाओं, दलितों, सीमांत किसानों, भूमिहीन मजदूरों के लिए जीवन-रक्षक सहारा है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा सरकार लगातार मनरेगा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है।
बैठक में घोषणा की कि मनरेगा बचाओ कार्यक्रम के तहत जनपद के सभी मंडलों और बूथों तक पहुंचकर आम जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार गरीबों की चिंता नहीं कर रही है और केवल अपने अमीर मित्रों को लाभ पहुंचाने में लगी है।
कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि संविधान से मिला हुआ काम का अधिकार है, जिसे कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने मनरेगा में अपने हिस्से की राशि 90 प्रतिशत से घटाकर 60 प्रतिशत कर दी है, जबकि राज्यों का हिस्सा 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन प्रभावित होगा।
कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को खत्म किया गया, तो दलित, आदिवासी, ओबीसी और गरीब अल्पसंख्यक समुदाय सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, जिसकी सरकार को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि जब गांव-गांव से आवाज बुलंद होगी, तभी मनरेगा बचेगी और गरीबों को उनका हक मिलेगा।
कार्यक्रम में डॉ नागेन्द्र दत्त जगूड़ी (पूर्व जिलाध्यक्ष), कनकपाल सिंह परमार जी (पूर्व प्रमुख),
कमल सिंह रावत (जिला संगोजक, सेवादल), मनीष राणा (निर्वर्तमान जिलाध्यक्ष), अभिषेक जगूड़ी (एडवोकेट), दिवाकर भट्ट,
अनवीर पंवार (पूर्व प्रधान),
आनंद पवांर (एडवोकेट), सुधीश पंवार, पवित्र राणा,
कविता जोगेला (पूर्व सभासद), मधु रावत, कमलेश मेहता,
उत्तम गुसांई, पपेंद्र नेगी भगवान चंद श्री मनीष पंवार ( सभासद)
सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं साथी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / चिरंजीव सेमवाल