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मुरादाबाद, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुराबाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) देवेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी कोचिंग सेंटर के पंजीकरण की वैधता के संबंध में जांच करवाई जाएगी। इसके लिए समिति का गठन होगा जो कोचिंग सेन्टरों की निगरानी करेेगी।
डीआईओएस ने आगे बताया कि जिन कोचिंग सेंटर में सौ या इससे अधिक छात्रों का नामांकन होगा, वहां शैक्षणिक संस्थानों द्वारा बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य में प्रमाणित एक योग्य परामर्शदाता, मनोचिकित्सक और सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाएगी। विद्यार्थियों को तनावमुक्त रखने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाएगा, ताकि उनकी काउंसिलिंग करवाई जा सके। इसके अलावा मंडलीय मनोविज्ञान अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं जिला सेवायोजन अधिकारी संयुक्त रूप से विद्यार्थियों की शैक्षणिक संस्थानों में कॅरिअर काउंसिलिंग करेंगे और मानसिक स्वास्थ्य एवं आत्महत्या रोकथाम के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करवाएंगे। डीआईओएस ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग संस्थान और छात्रावासों से 15 दिन में आख्या ली जाएगी। इस सूचना के आधार पर समिति द्वारा निगरानी कर जांच की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल