लोक संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण ही उत्तराखंड की पहचान: मुख्यमंत्री धामी
टिहरी, 10 जनवरी (हि.स.)। टिहरी गढ़वाल के छाम स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को सांस्कृतिक विकास समिति की ओर से आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री धाम
मुख्यमंत्री शनिवार को राजकीय इंटर कॉलेज छाम, टिहरी गढ़वाल में खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए।


टिहरी में खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव के समापन अवसर पर उपस्थित जनसमूह।


टिहरी, 10 जनवरी (हि.स.)। टिहरी गढ़वाल के छाम स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शनिवार को सांस्कृतिक विकास समिति की ओर से आयोजित प्रथम खेलकूद एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समापन कार्यक्रम में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि लोक संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण ही देवभूमि उत्तराखंड की सशक्त पहचान का आधार है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार टिहरी झील को वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का अभियान चल रहा है। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल कॉरिडोर के साथ-साथ बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम का भव्य स्वरूप इसका उदाहरण है। राज्य सरकार भी हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में विकसित किया जा रहा है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए स्पोर्ट्स अकादमियों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने बताया कि टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से ट्रैकिंग, पैराग्लाइडिंग सहित विभिन्न साहसिक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। झील के चारों ओर रिंग रोड निर्माण से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए स्वरोजगार, होम-स्टे, स्वयं सहायता समूह, लखपति दीदी योजना तथा आयुष वेलनेस सेक्टर पर विशेष ध्यान दे रही है। देवभूमि उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार शुरू से ही परिवार के साथ खड़ी रही है और आगे भी रहेगी। एसआईटी (विशेष जांच दल) की गहन जांच के आधार पर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा हुई है। अंकिता के माता-पिता की सीबीआई जांच की मांग पर सरकार ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हर स्तर पर सहयोग किया है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टालों का निरीक्षण भी किया और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अंतर्गत पंजीकरण कराने वाले नागरिकों को प्रमाण पत्र वितरित किए।

कार्यक्रम में विधायक प्रीतम सिंह पंवार एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में विकास योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। यूसीसी, नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णयों से प्रदेश को नई दिशा मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार