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नई दिल्ली, 10 जनवरी (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के प्रचार का काम देखने वाली कंपनी आई-पैक के दफ्तर पर छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की दखलंदाजी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।
ईडी के पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में शनिवार काे ही केविएट दाखिल कर दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि इस मामले में अगर ईडी उच्चतम न्यायालय आती है तो उसका पक्ष सुने बिना कोई भी आदेश पारित नहीं किया जाए।
ईडी ने उच्चतम न्यायालय से पहले 9 जनवरी को कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया था लेकिन कोर्ट रूम में हुई अव्यवस्था और हंगामे के चलते वहां सुनवाई संभव नहीं हो पाई थी। उच्च न्यायालय ने सुनवाई 14 जनवरी तक के लिए टाल दिया था।
उल्लेखनीय है कि 8 जनवरी को ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के प्रचार का काम देखने वाली कंपनी आई-पैक के दफ्तर और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के आवास पर छापा मारा था। ईडी ने यह छापा कथित कोयला घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में मारा था। ईडी का कहना है कि उसकी जांच कार्रवाई में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बाधा डालने के मकसद से छापे के दौरान आई-पैक के दफ्तर पहुंची थीं और कुछ दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य अपने साथ ले गईं। बाद में ममता ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी