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मुंबई,10जनवरी ( हि.स.) । यदि सड़क पर कोई हादसा या दुर्घटना होती है... सांसें एक पल में रुक जाती हैं... और अगर उन कुछ मिनटों में सही सीआरआर अर्थात जीवन रक्षक प्रणाली (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) न दिया जाए, तो यह जानलेवा हो सकता है। इसी जान बचाने वाले मैसेज के साथ, ठाणे रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस ने रोड सेफ्टी कैंपेन 2026 के तहत ठाणे मनपा परिवहन अंडरटेकिंग (TMT) वागले एस्टेट में ड्राइवरों, कैरियर और कर्मचारियों के लिए बीएलओ और सीआरआर वर्कशॉप रखी।
रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर हेमांगिनी पाटिल के गाइडेंस में हुई इस वर्कशॉप में, किम्स अस्पताल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. अंकित बियानी ने इमोशनल उदाहरणों के साथ समझाया कि एक्सीडेंट, हार्ट अटैक या अचानक बेहोश होने वाले व्यक्ति को शुरुआती कुछ मिनटों में सीआरआर देना कैसे जान बचा सकता है। उन्होंने यह मैसेज दिया कि सिर्फ़ एम्बुलेंस के आने में लगने वाला समय ही नहीं, बल्कि एक आम आदमी की मुस्तैदी भी कई परिवारों का भविष्य बचा सकती है। प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन की वजह से कई कर्मचारियों ने यह महसूस किया कि “हम आज किसी की जान बचा सकते हैं”।
ठाणे मनपा परिवहन ड्राइवर और कंडक्टर, जो रोज़ सैकड़ों यात्रियों को ले जाते हैं, हादसों के पहले गवाह होते हैं। इसलिए, इस वर्कशॉप में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि सीआरआर जैसी स्किल्स की ट्रेनिंग लेना सिर्फ़ नौकरी का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक सामाजिक ज़िम्मेदारी भी है। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में 110 परिवहन कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
इस मौके पर, रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस ठाणे ने ट्रैफिक नियमों का पालन करने, ड्राइवरों के काम और ज़िम्मेदारियों, और मेंटल हेल्थ के महत्व पर भी गाइडेंस दी। यह बात उठाई गई कि हादसों से बचने के लिए मेंटल स्टेबिलिटी उतनी ही ज़रूरी है जितनी फिजिकल अलर्टनेस।इस प्रोग्राम में ठाणे मनपा परिवहन मैनेजर भालचंद्र बेहरे, असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर अबू बकर नदाफ, मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर रूपेश भूरे, शाहरुख मनियार, वगैरह शामिल हुए।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा