एमसीबी: मनरेगा में बदलाव पर कांग्रेस का तीखा हमला, मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा कानून में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में आज शनिवार को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। पत्रकारवार्ता में जिले के कार्य
मनरेगा में बदलाव को लेकर कांग्रेस की प्रेसवार्ता


मनरेगा में बदलाव को लेकर कांग्रेस की प्रेसवार्ता


मनरेगा में बदलाव को लेकर कांग्रेस की प्रेसवार्ता


मनरेगा में बदलाव को लेकर कांग्रेस की प्रेसवार्ता


मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा कानून में केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा किए गए बदलावों के विरोध में आज शनिवार को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। पत्रकारवार्ता में जिले के कार्यक्रम प्रभारी एवं पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरों, विधायक उम्मीदवार रमेश सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल एवं जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने अलग-अलग बयान देते हुए मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।

पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा ने कहा कि मनरेगा केवल योजना नहीं, बल्कि गरीबों को मिला संवैधानिक अधिकार था। मोदी सरकार ने इस अधिकार को खत्म कर मनरेगा की आत्मा को ही मार दिया है। केंद्र द्वारा हिस्सेदारी घटाकर राज्यों पर बोझ डालना मनरेगा को धीरे-धीरे बंद करने की साजिश है। यह सीधा-सीधा मजदूर विरोधी फैसला है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि भाजपा सरकार 100 दिन रोजगार की बात कर जनता को गुमराह कर रही है, जबकि हकीकत यह है कि पिछले 11 वर्षों में औसतन 38 दिन से ज्यादा काम नहीं मिला। छत्तीसगढ़ के अधिकांश गांवों में महीनों से मनरेगा का काम बंद है और ग्रामीण परिवार बेरोजगारी से जूझ रहे हैं।

पूर्व विधायक गुलाब कमरों ने कहा कि मनरेगा ने दो दशकों से करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मान के साथ जीने का सहारा दिया है। कोविड जैसी महामारी में भी यही योजना गरीबों की ढाल बनी थी, लेकिन भाजपा सरकार गरीबों से यह सुरक्षा छीन रही है। यह सामाजिक न्याय पर सीधा हमला है।

विधायक प्रत्याशी रमेश सिंह ने कहा कि नए सिस्टम में सरकार तय करेगी कि किसे काम मिलेगा और किसे नहीं। पंचायतों की भूमिका खत्म कर दी गई है, जिससे गांवों के विकास पर ब्रेक लग गया है। फसल कटाई के समय काम न देने का प्रावधान गरीबों को जानबूझकर भूखा रखने जैसा है।

पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष प्रभा पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार भगवान राम के नाम पर योजनाओं के नामकरण से जनता को भ्रमित कर रही है, जबकि जमीनी सच्चाई यह है कि गरीबों के रोजगार और मजदूरी के अधिकार छीने जा रहे हैं। महिला मजदूरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा।

जिला कांग्रेस प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने कहा कि पहले मनरेगा मजदूरी का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी, जिससे काम निर्बाध चलता था। अब 40 प्रतिशत राशि राज्यों पर डालकर भाजपा सरकार चाहती है कि राज्य खर्च बचाने के लिए काम ही न दें। यह संघीय ढांचे और गरीबों दोनों के खिलाफ फैसला है।

प्रेस वार्ता में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा और गरीब मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो जनआंदोलन भी किया जाएगा। इनके अलावा प्रेस वार्ता के दौरान महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष रूमा चटर्जी, निर्मला चतुर्वेदी, पूनम सिंह, रामनरेश पटेल उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह