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मंडी, 10 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ठाकुर कौल सिंह ने कहा कि मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं, बल्कि देश का अपमान है। रविवार को मंडी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि इसी के विरोध में कांग्रेस कमेटी गांधी चौक में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष चार घंटे का उपवास रखकर मनरेगा बचाओ आंदोलन की शुरुआत करेगी। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मनरेगा जैसी जनहितकारी योजना से राष्ट्रपिता का नाम हटाना कतई उचित नहीं है। यदि केंद्र सरकार गांधी जी का सम्मान नहीं कर सकती तो कम से कम उनका अपमान भी न करे। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर इसे वीबी जी राम जी” कर दिया है, जो गांधी के प्रति उसकी मानसिकता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद से गरीबों के साथ अन्याय हो रहा है। कांग्रेस द्वारा बनाए गए कानूनों को कमजोर किया जा रहा है। सूचना का अधिकार और राइट टू फूड जैसे महत्वपूर्ण कानूनों को भी कमजोर किया गया है। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि मनरेगा योजना डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने शुरू की थी, जिसमें 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी गई थी, लेकिन अब इस गारंटी को भी कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने किसानों का 79 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ नहीं किया, जबकि पूंजीपतियों के हजारों करोड़ रुपये माफ कर दिए गए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत कई महिलाओं को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और राज्यों पर 60:40 के अनुपात में खर्च का बोझ डाला जा रहा है। हालांकि हिमाचल प्रदेश में यह अनुपात 90:10 है, फिर भी रोजगार की गारंटी सुनिश्चित नहीं की जा रही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मनरेगा की बहाली नहीं होती, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर,पूर्व मंत्री प्रकाश चौधरी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर,पूर्व प्रदेश कांग्रेस महासचिव चेतराम ठाकुर, नाचन से कांग्रेस प्रत्याशी रहे नरेश चौहान आदि मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा