Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जगदलपुर, 10 जनवरी (हि.स.)। बस्तर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माहेश्वर नाग के मार्गदर्शन में आपराधिक तत्वों के विरूद्ध लगातार कार्रवाई करते हुए जिले में घटित होने वाले साइबर अपराधों की विवेचना कर जहां एक ओर अंर्तराज्यीय गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी विभिन्न माध्यमों से दी जा रही है। इसी तारतम्य में पुलिस मुख्यालय, छग. के दिशा निर्देशानुसार रजत जयंती वर्ष 2025-26 के आयोजन अंतर्गत एक जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2026 को क्रियान्वयन के तहत समस्त थाना क्षेत्र के 100 से अधिक परिवारों से संपर्क कर साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के केन्द्र बिन्दू पर एकांतवास करने वाले/सेवानिवृत्त, वृद्धजन परिवार रहे। साइबर ठगों द्वारा वृद्धजनों को शिकार बनाने वाला प्रचलित तरीका डिजीटल अरेस्ट स्कैम, इन्वेंटमेंट स्कैम, बीमा संबंधी स्कैम एवं अन्य साइबर विषय पर आज शनिवार काे राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों द्वारा वीडियो एवं पाम्पलेट के माध्यम से वृद्धजनों के घरों में जाकर विस्तार से चर्चा की गई। ऐसे साइबर अपराध से बचने के उपाय एवं इन अपराधों का शिकार होने पर तत्काल सहायता हेतु साइबर अपराध हेल्पलाईन नं. 1930, पुलिस कंट्रोल रूम, साइबर सेल, थाना प्रभारी एवं बीट अधिकारी के संपर्क नंम्बर साझा की गई है।
बस्तर पुलिस के अनुसार रजत जयंती के तहत थाना क्षेत्रों में लगातार साइबर जागरूकता का संचालन किया जा रहा है, जिसमें छात्र-छात्राओं के साथ-साथ ग्रामिणों को निरंतर जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राम में आयोजित साप्ताहिक हाट-बाजार, विशेष आयोजन एवं चलित थानों के माध्यम से लगातार ग्रामिणों से संपर्क स्थापित किया जा रहा है। साथ ही पुलिस विभाग द्वारा संचालित जन कल्याणकारी सुविधाओं जैसे-डायल 112, अभिव्यक्ति एप, नशा मुक्ति, सायबर फ्रॉड के संबंध में-1930 इत्यादि विषयों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही बस्तर पुलिस की अपील में यह स्प्ष्ट किया जा रहा है कि भारतीय कानून में पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट का काेई प्रावधान नहीं है। वीडियो कॉल करने वाले यह लोग पुलिस, सीबीआई या जज नहीं बल्कि साइबर अपराधी होते है। इनसे मत डरो रूको, सोचो, एक्शन लो। शिकायत के लिए 1930 या www.cybercrime.gov.in, साइबर सेल, नजदीकी थाना में रिपोर्ट करें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे