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विशाखापट्टनम, 10 जनवरी (हि.स.)। भारतीय लाइटहाउस महोत्सव के तीसरे संस्करण का यहां के एमजीएम पार्क में पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने उद्घाटन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने की। दो दिवसीय इस सांस्कृतिक उत्सव में पारंपरिक व्यंजन, नृत्य-नाटक प्रस्तुतियां, गतिविधि क्षेत्र और तटीय संस्कृति के स्वाद जैसे तमाम कार्यक्रम होंगे।
पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, कार्यक्रम के पहले दिन शुक्रवार को 3,500 से अधिक लोग शामिल हुए। इस अवसर पर वेंकैया नायडू ने कहा कि यह महोत्सव लाइटहाउस पर्यटन को नई ऊर्जा देगा और पर्यटन उद्योग के सभी हितधारकों के बीच सहयोग को गहरा करेगा। महोत्सव में क्षेत्रीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कला एवं शिल्प बाजार और लाइटहाउस की रात्रिकालीन रोशनी जैसे आकर्षण शामिल हैं, जो स्थानीय तटीय संस्कृति को बढ़ावा देते हैं और आर्थिक विकास को गति प्रदान करते हैं।
उद्घाटन समारोह में 40 से अधिक स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल लगे, जिनमें हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और तटीय व्यंजन प्रदर्शित किए गए। यह महिलाओं द्वारा संचालित उद्यमिता और सामुदायिक भावना का प्रेरक उदाहरण रहा। नायडू ने बताया कि आंध्र प्रदेश के 17 लाइटहाउस में से 10 को पर्यटन के लिए विकसित किया गया है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि लाइटहाउस अब केवल नौवहन के संकेतक नहीं, बल्कि पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय उद्यम के जीवंत केंद्र बन रहे हैं। मोदी सरकार तटीय समुदायों को सशक्त बनाकर इन ऐतिहासिक संरचनाओं को भारत की समुद्री विरासत के जीवंत प्रतीक के रूप में विकसित कर रही है।
महोत्सव में पूर्वोत्तर भारत की लोकनृत्य प्रस्तुतियों ने भी रंग भरा। मणिपुर का पुंग चोलम, अरुणाचल प्रदेश का गालो नृत्य, मिजोरम का चेराव, त्रिपुरा का संग्रैन, मेघालय का वांगला, नागालैंड का कबुई, सिक्किम का मरौनी और असम का बिहू नृत्य प्रस्तुत किया गया। उद्घाटन समारोह में आंध्र प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री कंदुला दुर्गेश, सांसद सीएम रमेश, विधायकगण, पोत एवं नौवहन मंत्रालय के सचिव विजय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि भारत के 11,000 किलोमीटर लंबे तट और 205 लाइटहाउस को पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित करने की पहल प्रधानमंत्री मोदी के मन की बात में अपील के बाद राष्ट्रीय स्तर पर गति पकड़ चुकी है। मैरिटाइम इंडिया विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के अनुरूप अब तक 75 लाइटहाउस आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किए जा चुके हैं। पहला भारतीय लाइटहाउस महोत्सव 2023 में गोवा के फोर्ट अगुआड़ा में आयोजित हुआ था, जबकि दूसरा संस्करण 2024 में ओडिशा के पुरी में हुआ था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर