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धर्मशाला, 10 जनवरी (हि.स.)। कांगड़ा जिला के ज्वाली उपमंडल विधिक साक्षरता समिति द्वारा विकास खंड ज्वाली के लब स्थित शिव शंकर पैलेस में शनिवार काे मेगा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जितेंद्र शर्मा ने की, जबकि सिविल जज-सह-न्यायिक मजिस्ट्रेट शशि कांत विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर न्यायाधीश जितेंद्र शर्मा ने कहा कि विधिक साक्षरता शिविर समाज के हर व्यक्ति तक न्याय और विधिक सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं, ताकि सभी नागरिक सम्मानजनक और गरिमापूर्ण जीवन व्यतीत कर सकें। उन्होंने बताया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है और सामाजिक सरोकार जैसे नशामुक्त समाज, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन पर भी फोकस किया जाता है।
जितेंद्र शर्मा ने कहा कि नशे का बढ़ता प्रचलन विशेषकर युवा पीढ़ी पर गंभीर असर डाल रहा है। उन्होंने नूरपुर जिले का उदाहरण देते हुए बताया कि पंजाब की सीमा से सटा यह क्षेत्र चिट्टे जैसे नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी केवल पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्होंने युवाओं को चेताया कि चिट्टे जैसी लत केवल एक बार सेवन करने से ही लग जाती है और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें तथा उन्हें सही मार्गदर्शन दें।
एसडीएम नरेंद्र जरियाल ने आपदा प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रशासन इस क्षेत्र में विभिन्न उपाय कर रहा है और आमजन को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा है। वहीं विधिक सेवा समिति ज्वाली के अधिवक्ताओं ने नशा, पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन के विषय में जानकारी दी। डीएसपी वीरी सिंह ने चिट्टा, अवैध खनन, साइबर अपराध और यातायात नियमों के पालन के संबंध में आम जनता को सचेत किया। शिविर में स्कूली बच्चों द्वारा नशे के विरुद्ध भाषण और नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया