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धर्मशाला, 10 जनवरी (हि.स.)। उत्तर अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा रूसी तेल टैंकर 'मैरिनेरा' (पुराना नाम बेला-1) को जब्त किए जाने के बाद हिरासत में लिए गए तीन भारतीयों में एक नागरिक हिमाचल के कांगड़ा जिला के पालमपुर से संबंध रखते हैं। पालमपुर के साथ लगते वार्ड नंबर 7 के रहने वाले रक्षित चौहान भी हिरासत में हैं। ऐसे में इस खबर के बाद से युवक के परिवार में गहरी चिंता और बेचैनी का माहौल है।
पालमपुर नगर निगम के बाहरी क्षेत्र में रहने वाले रक्षित के पिता रंजीत सिंह ने बताया कि उनकी बेटे से आखिरी बार पांच दिन पहले फोन पर बात हुई थी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमें अभी तक किसी भी आधिकारिक स्रोत, भारत सरकार या रूसी अधिकारियों से बेटे को लेकर कोई भी जानकारी नहीं मिली है। उसकी सुरक्षा को लेकर वह अत्यंत चिंतित हैं। रक्षित ने पिछले साल अगस्त में ही मर्चेंट नेवी जॉइन की थी और यह उसका समुद्र में पहला ही असाइनमेंट था।
राजनयिक प्रयासों की मांग
मर्चेंट नेवी ऑफिसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के एक प्रतिनिधि ने परिवार से संपर्क कर बताया है कि रूसी सरकार स्थिति पर नजर रख रही है और अमेरिका से चालक दल के साथ मानवीय व्यवहार और उनकी जल्द वापसी की मांग की है।
उधर स्थानीय विधायक आशीष बुटेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव संजय गुप्ता से अनुरोध किया है कि इस मामले को तुरंत विदेश मंत्रालय के समक्ष उठाया जाए, ताकि राजनयिक प्रयासों के जरिए रक्षित की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित की जा सके।
गौरतलब है कि रूसी ध्वज वाले इस टैंकर को एक निजी व्यापारी ने चार्टर किया था। बताया जा रहा है कि यह जहाज वेनेजुएला से जुड़े कच्चे तेल को लेकर रूस की ओर जा रहा था तभी बुधवार को अमेरिकी अधिकारियों ने इसे इंटरसेप्ट कर लिया। जहाज पर कुल 28 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 3 भारतीय, 20 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं। फिलहाल सभी को राजनयिक और कानूनी प्रक्रियाओं के तहत अमेरिकी हिरासत में रखा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया