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उरई, 10 जनवरी (हि.स.)। जिले में बीते तीन दिनों से एक तेंदुआ लापता है, जिसे लेकर वन विभाग की चिंता बढ़ गई है। तेंदुए की किसी भी गतिविधि की पुष्टि न होने के बाद विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। तलाश अभियान को गति देने के लिए झांसी मंडल से एक विशेष टीम मौके पर पहुंच चुकी है और ड्रोन कैमरों के जरिए पल-पल निगरानी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह लापता तेंदुआ लौना गांव के आसपास के खेतों में कुछ ग्रामीणों को नजर आया था। इस सूचना के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया और तलाशी अभियान और तेज कर दिया गया। वन विभाग की टीमें जंगल और आसपास के इलाकों में सघन कांबिंग (छापामार तलाशी) कर रही हैं।
इस संवेदनशील अभियान की कमान संभालते हुए वन संरक्षक एवं क्षेत्रीय निदेशक, झांसी मंडल, महावीर कोजलगी स्वयं मौके पर मौजूद हैं। उनके नेतृत्व में प्रभागीय वन अधिकारी जालौन प्रदीप कुमार, उप प्रभागीय वन अधिकारी हरिमोहन कटियार, क्षेत्रीय वन अधिकारी माधोगढ़ रंजीत सिंह, क्षेत्रीय वन अधिकारी जालौन हरिकिशोर शुक्ला, उप क्षेत्रीय वन अधिकारी अमित कुमार शर्मा, वन दरोगा कोंच राजेश अस्थाना और कार्यालय सहायक मनीष यादव समेत पूरी टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
वन विभाग ने क्षेत्र के ग्रामीणों से सतर्क रहने और तेंदुए की किसी भी संदिग्ध गतिविधि या उपस्थिति की तुरंत सूचना देने की अपील की है। आधुनिक तकनीक और मानव संसाधन के पूरे बल का इस्तेमाल करते हुए तेंदुए को सुरक्षित बचाने की कोशिश जारी है।
वहीं, अधिकारी महावीर कोजलगी का कहना है कि हम पूरी ताकत से तलाश अभियान चला रहे हैं। ड्रोन कैमरों से हर घंटे निगरानी की जा रही है। हमारा प्रयास है कि तेंदुए को किसी भी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना, उसे सुरक्षित रूप से बचाया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विशाल कुमार वर्मा