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पलामू, 10 जनवरी (हि.स.)। मनरेगा का नाम बदले जाने के बाद से कांग्रेस पार्टी की ओर से चलाए जा रहे आंंदोलन को लेकर पलामू के सांसद वीडी राम ने शनिवार को पलामू परिसदन में कहा कि वर्ष 1980 में मनरेगा का नाम जवाहर रोजगार योजना हुआ करता था।
उन्होंने विपक्षी दलों से सवाल पूछते हुए कहा कि इंदिरा गांधी की कांग्रेस पार्टी की सरकार ने इसका नाम बदलकर नरेगा कर दिया और फिर मनमोहन सिंह की सरकार बनी तो इसे मनरेगा किया गया। ऐसे में क्या जवाहरलाल नेहरू अपमानित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार आज कांग्रेस पार्टी सवाल उठाकर महात्मा गांधी को अपमानित करने का आरोप केन्द्र की भाजपा सरकार पर लगा रही है।
सांसद ने कहा कि मनरेगा योजना में जितनी खर्च पूर्व की कांग्रेस पार्टी की सरकार ने नहीं किया, उससे कहीं अधिक नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है और जो मनरेगा का नया नामकरण करके विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार आजीविका मिशन (वीबी जी राम जी) योजना लाई है, वह विकसित भारत 2047 को ध्यान में रखकर है। केंद्र सरकार इसके माध्यम से ग्रामीण विकास को सशक्त करेगी।
सांसद ने बताया कि वीबी जी रामजी एक्ट में राम राज्य की परिकल्पना है। इस कानून के तहत मजदूरों को काफी फायदा होगा और उन्हें 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। मनरेगा पर अबतक 11.74 लाख करोड़ रूपये खर्च हुए हैं, जिसमें से 8.53 लाख करोड़ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में हुए हैं।
सांसद ने यह भी बताया कि वीबी जी राम जी योजना से स्थायी संपत्ति बनेगी और धोखाधड़ी पर नजर रखना आसान होगा। इसमें तकनीक का भी इस्तेमाल किया जायेगा। जलसंरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका और मौसम की कठिनाइयों को दूर करना प्राथमिकता होगी। इस योजना के तहत 60 प्रतिशत हिस्सा केन्द्र का होगा, जबकि 40 प्रतिशत राशि राज्य को देना होगा।
मौके पर भाजपा के जिलाध्यक्ष अमित तिवारी, आजसू पार्टी के जिलाध्यक्ष दिलीप चौधरी, लोजपा आरके राकेश सिंह और हम पार्टी के नेता उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार