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रांची, 10 जनवरी (हि.स.)।
झारखंड में पिछले लगभग दो वर्षों से छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की मांग को लेकर शनिवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) छात्र संगठन ने केंद्र सरकार के खिलाफ जन आक्रोश मार्च निकाला। यह मार्च मोरहाबादी मैदान से शुरू होकर लोक भवन तक पहुंचा। मार्च के दौरान छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रवृत्ति जल्द जारी करने की मांग की।
छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति की राशि राज्य और केंद्र सरकार मिलकर देती हैं, लेकिन केंद्र सरकार अपने हिस्से का 60 प्रतिशत फंड झारखंड को देने में असफल रही है। इसी कारण राज्य सरकार छात्रवृत्ति की राशि जारी नहीं कर पा रही है।
एनएसयूआई नेताओं ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि झारखंड में भाजपा सत्ता में नहीं है। इसलिए राज्य को फंड देने में भेदभाव किया जा रहा है। जन आक्रोश मार्च के समर्थन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और बंधु तिर्की भी शामिल हुए और छात्रों का मनोबल बढ़ाया। केशव महतो कमलेश ने कहा कि केंद्र, राज्य सरकार को उसका हक का पैसा नहीं दे रहा है, यही वजह है केंद्र सरकार का चौतरफा विरोध किया जा रहा है।
वहीं, बंधु तिर्की ने कहा कि वर्ष 2022 से छात्रों को छात्रवृत्ति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जब तक केंद्र सरकार का पैसा नहीं आता, तब तक ट्रेजरी कोड के अनुसार राज्य सरकार अपने हिस्से की राशि भी जारी नहीं कर सकती है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले अल्पसंख्यक मंत्री चमरा लिंडा ने केंद्र सरकार से बात कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं दिखी है। ऐसे में छात्र संगठन लगातार आंदोलन के रास्ते पर हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak