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रांची, 10 जनवरी (हि.स.)। झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के महिला उद्यमिता उप समिति की बैठक शनिवार चेंबर भवन में हुई। बैठक में झारखंड रेडीमेड गारमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। बैठक के दौरान राज्य के समग्र औद्योगिक विकास के उद्देश्य से सिल्क कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। प्रस्ताव में विशेष रूप से झारखंड का तसर सिल्क, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर को आधार बनाकर संगठित और मूल्य-वर्धित औद्योगिक विकास की जरूरत पर बल दिया गया।
जेआरजीए फाउंडेशन की ओर से प्रस्तुत टेप मॉडल (टाई एंड डाई, एक्सेसरीज, प्रिंटिंग, एम्ब्रोइडरी) को सिल्क कॉरिडोर के क्रियान्वयन का प्रभावी माध्यम बताते हुए, इसे झारखंड रेडीमेड गारमेंट एवं टेक्सटाइल पॉलिसी में शामिल करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इस मॉडल के माध्यम से महिला उद्यमिता, ग्रामीण रोजगार, एमएसएमई इकाइयों और स्थानीय कारीगरों को संगठित कर एक सशक्त टेक्सटाइल इकोसिस्टम विकसित करने की परिकल्पना प्रस्तुत की गई।
झारखंड में सिल्क और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में अपार संभावनाएं : अध्यक्ष
बैठक में चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड में सिल्क, टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट सेक्टर में अपार संभावनाएं हैं। यह क्षेत्र बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, विशेषकर महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मजबूत माध्यम बन सकता है।
बैठक में जेआरजीए फाउंडेशन के अध्यक्ष अमिताभ श्रीवास्तव, सचिन उत्तम राय और एडवाइजर सुजीत कुमार ने संयुक्त रूप से प्रस्ताव रखा और इसके आर्थिक, सामाजिक एवं औद्योगिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। चेंबर के सह सचिव नवजोत अलंग ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार के सहयोग से यह पहल झारखंड को टेक्सटाइल और सिल्क आधारित औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने में सहायक होगी।
बैठक में चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा, सह सचिव नवजोत अलंग, कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल, उप समिति चेयरपर्सन आस्था किरण, जेआरजीए के सुजीत कुमार, उत्तम रॉय, सदस्य श्रवण कुमार उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak