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यमुनानगर, 10 जनवरी (हि.स.)। अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव 2026 को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने की तैयारियां तेज हो गई हैं। आयोजन को लेकर सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के वाइस चेयरमैन धूमन सिंह किरमच और हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के सदस्य मुकेश गर्ग ने आदिबद्री स्थित गरुड़ टूरिस्ट कॉम्प्लेक्स में शनिवार काे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बसंत पंचमी के पावन अवसर पर 19 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव का विधिवत शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वे आदिबद्री क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास व उद्घाटन भी करेंगे। महोत्सव का समापन 23 जनवरी को सरस्वती तीर्थ पेहोवा, कुरुक्षेत्र में किया जाएगा। आदिबद्री स्थित सरस्वती सरोवर पर हवन-यज्ञ, वैदिक मंत्रोच्चार और भव्य आरती का आयोजन होगा। महोत्सव के दौरान आर्कियोलॉजी विभाग की ओर से एक विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें सरस्वती नदी को सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा तथा आदि बद्री को इसके उद्गम स्थल के रूप में दर्शाया जाएगा। सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड द्वारा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे लगभग 350 एकड़ के विशाल रिजर्वायर का निरीक्षण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत ‘रत्नावली’ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कॉलेज विद्यार्थियों को मंच प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही यमुनानगर जिले के संत-महात्माओं को महोत्सव में विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा।
आदिबद्री मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, वहीं स्वदेशी थीम पर आधारित ‘सरस मेला’ महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगभग 20 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें ग्रामीण उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रदर्शित किया जाएगा। बैठक में प्रशासन, आर्कियोलॉजी विभाग, पुलिस, लोक निर्माण, जनस्वास्थ्य, वन विभाग, शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के सदस्य उपस्थित रहे। सभी को महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और जनभागीदारी से सफल बनाने के निर्देश दिए गए।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार