गुरुग्राम: गरीबों के अधिकारों को कमजोर करना चाहती है केंद्र सरकार: कैप्टन अजय यादव
-मनरेगा का नाम बदलकर सरकार ने गरीबां के हकों पर किया प्रहार गुरुग्राम, 10 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर भाजपा सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) किया जाना
गुरुग्राम में पत्रकारों से बात करते पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव, कांग्रेस जिला शहरी अध्यक्ष पंकज डावर व ग्रामीण अध्यक्ष वर्धन यादव।


-मनरेगा का नाम बदलकर सरकार ने गरीबां के हकों पर किया प्रहार

गुरुग्राम, 10 जनवरी (हि.स.)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर भाजपा सरकार द्वारा विकसित भारत गारंटी-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) किया जाना केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि गरीब, मजदूर और किसान के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की एक सुनियोजित कोशिश है। यह बात पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने शनिवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

उन्होंने बताया कि मनरेगा में किए गए बदलाव को लेकर हर जिले में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता की जा रही है, ताकि सरकार के इस निंदनीय कार्य को देश की जनता के समक्ष रखा जा सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा कांग्रेस पार्टी की देन है, जिसे वर्ष 2006 में लागू कर देश के करोड़ों गरीब परिवारों को 100 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई थी। लेकिन भाजपा सरकार इस गारंटी को धीरे-धीरे खत्म कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति स्पष्ट है-नाम बदलो, नियम बदलो और काम की गारंटी कमजोर करो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 में जहां लगभग 11.19 करोड़ मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिला, वहीं 2025-26 तक यह संख्या घटकर लगभग 6.25 करोड़ रह गई। यह आंकड़े बताते हैं कि भाजपा सरकार के लिए रोजगार प्राथमिकता नहीं है।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी गुरुग्राम (शहरी) के अध्यक्ष पंकज डावर ने कहा कि भाजपा सरकार की पहचान अब काम करने से ज्यादा योजनाओं के नाम बदलने तक सीमित रह गई है। कांग्रेस ने गरीब को काम का अधिकार दिया, जबकि भाजपा उस अधिकार का नाम बदलकर उसकी मूल भावना को ही कमजोर कर रही है। नाम बदलने से न तो मजदूर को ज्यादा काम मिलता है और न ही उसकी मजदूरी बढ़ती है। मनरेगा के नाम पर भाजपा सरकार लगातार नियम बदलकर गरीब मजदूरों को परेशान कर रही है। भुगतान में देरी, काम की कमी और जटिल प्रक्रियाओं ने मजदूरों को हतोत्साहित किया है। जिला कांग्रेस कमेटी गुडग़ांव (ग्रामीण) के अध्यक्ष वर्धन यादव ने कहा कि ग्रामीण हरियाणा में मनरेगा काफी महत्व रखती है और लोगों को अपने ही गांव में रोजगार मिल जाता था। भाजपा सरकार के फैसलों से गांवों में रोजगार के अवसर घटे हैं और मजदूरों को अपने ही जिले से पलायन करने को मजबूर होना पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर