मनरेगा के बहाने काम के अधिकार को केंद्र सरकार ख़त्म करना चाहती है - रेखचंद जैन
कोंडागांव, 10 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत आज शनिवार काे कोंडागांव जिला मुख्यालय के कांग्रेस भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम
मनरेगा के बहाने काम के अधिकार को केंद्र सरकार ख़त्म करना चाहती है - रेखचंद जैन


कोंडागांव, 10 जनवरी (हि.स.)। कांग्रेस के मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत आज शनिवार काे कोंडागांव जिला मुख्यालय के कांग्रेस भवन में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से भाजपा का द्वेष फिर एक बार उजागर हो गया है। महात्मा गांधी के नाम से संचालित महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना को समाप्त कर भाजपा ने अपनी ऎसी मंशा जाहिर कर दी है।

रेखचंद जैन ने आरोप लगाया कि मनरेगा के बहाने काम के अधिकार को केंद्र सरकार ख़त्म करना चाहती है। कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने जो मनरेगा योजना शुरू की थी, उसे अपने पूंजीपति मित्रों को खुश करने के लिए केंद्र सरकार बंद करने जा रही है। इस संवैधानिक अधिकार को बचाने कांग्रेस संगठन के दिशा निर्देश पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है। केंद्र ने इस योजना के अनेक प्रावधानों को ख़त्म कर दिया है। अब केंद्र की मर्जी से उसकी चुनी हुई सरकारों व जिलों में ही काम होगा। केंद्र ने राज्यों को दी जाने वाली धनराशि में भी कटौती की है। अब 40 प्रतिशत राशि राज्य वहन करेंगे। इसके चलते पहले से ही आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्यों की कमर टूट जाएगी।

रेखचंद जैन ने कहा कि मनरेगा योजना को सीएजी समेत अन्य 200 रिपोर्ट में बेहतरीन बताया गया है। कोविड काल में यह योजना जितनी कारगर साबित हुई है। उसकी हर तरफ बड़ाई ने केंद्र के दुष्प्रचार की कलई खोल दी है। कांग्रेस काम के अधिकार के साथ पंचायतों की शक्ति बहाली की मांग करने के साथ न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन देने की मांग करती है। रेखचंद जैन ने मनरेगा बचाओ संग्राम की चार मांगों की जानकारी देते कहा कि इस योजना के समाप्त होने से शहरों पर दबाव बढेगा और पलायन तेज होगा। पूर्व विधायक ने मनरेगा बचाओ संग्राम के अन्य बिंदुओं से भी अवगत करवाया।

पत्रवार्ता के दौरान रेखचंद जैन के साथ जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि घोष, केशकाल के पूर्व विधायक संतराम नेताम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम, रितेश पटेल, नेहरू राम मंडावी, वीरेश साहू, जेपी यादव, महारु राम, शकुर खान, विशाल शर्मा, कमलेश दुबे, झुमुक लाल दीवान, इंदर बघेल, शिवलाल मंडावी, प्रेमसिंह बैध व अन्य मौजूद थे।

पूर्व विधायक रेखचंद जैन समेत पत्रवार्ता में मौजूद कांग्रेसजनों ने कार्यक्रम में सबसे पहले अविभाजित बस्तर जिले के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय मानकू राम सोढ़ी की पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पमाला अर्पित की। इस दौरान उनके कार्यों का स्मरण किया गया। श्री जैन ने उनके योगदान को रेखांकित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे