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अंबिकापुर, 10 जनवरी (हि.स.)। सरगुजा जिले के धान उपार्जन केंद्रों में लागू पारदर्शी एवं डिजिटल व्यवस्था से किसान संतुष्ट नजर आ रहे हैं। शासन द्वारा की गई नई पहल से धान विक्रय की प्रक्रिया अब सरल, सुगम और समयबद्ध हो गई है, जिससे किसानों को अनावश्यक परेशानियों से मुक्ति मिली है।
अंबिकापुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत घंघरी के किसान लाल सांडिल ने बताया कि उनके दादा स्व. झेमल राम सांडिल के नाम से इस वर्ष 19.60 क्विंटल धान का रकबा दर्ज है। उन्होंने “किसान तुहंर टोकन” ऐप के माध्यम से 24×7 टोकन काटने की सुविधा का लाभ लिया, जिससे टोकन प्राप्त करने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। डिजिटल व्यवस्था से समय की बचत हुई और उपार्जन केंद्रों में भीड़ की समस्या भी नहीं रही।
उन्होंने बताया कि नमना कलां धान उपार्जन केंद्र पहुंचते ही गेट पास, नमी परीक्षण जैसी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की गईं और तत्काल बारदाना उपलब्ध कराया गया। इससे धान विक्रय की प्रक्रिया पूरी तरह सहज रही। समिति केंद्र में किसानों के लिए पेयजल, छायादार बैठने की व्यवस्था की गई है तथा समिति कर्मचारियों द्वारा हर स्तर पर सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
किसान लाल सांडिल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार में धान का 3100 रुपये प्रति क्विंटल का सर्वाधिक समर्थन मूल्य मिल रहा है तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी की जा रही है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान विक्रय से प्राप्त राशि से वे गेहूं, तिलहन एवं सब्जी जैसी अन्य फसलों की खेती भी कर रहे हैं, जिससे उनकी आमदनी बढ़ी है और आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
उन्होंने धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि उपज का सही मूल्य मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त हो रही है। किसानों के हित में किए गए कार्यों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान धान खरीदी व्यवस्था से किसान बेहद संतुष्ट और खुश हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह