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धमतरी, 10 जनवरी (हि.स.)। बड़ी रेललाइन निर्माण में अतिक्रमण रोड़ा बना हुआ है। पिछले दिनों बड़ी संख्या में धमतरी रेलवे स्टेशन के आसपास अतिक्रमण हटाया गया। वहीं 10 जनवरी को ग्राम सेहराडबरी क्षेत्र में रेलवे के जमीन पर किए अतिक्रमण पर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया है। 13 अतिक्रमणकारियों के निर्माण हटाए गए। वहीं सात अन्य परिवारों को 12 जनवरी तक कब्जा छोड़ने चेतावनी दी गई है, ताकि यहां रेलवे के निर्माण कार्य कराया जा सके। रेलवे प्रशासन के इस कार्रवाई से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया।
धमतरी शहर से लगे ग्राम सेहराडबरी क्षेत्र में भी कई लोग रेलवे के जमीन पर अतिक्रमण कर रखा है, जो बड़ी रेललाइन निर्माण में इन दिनों बाधा बना हुआ है। ऐसे में शनिवार को रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। रायपुर से पहुंचे रेलवे अधिकारियों के नेतृत्व में स्थानीय राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम यहां पहुंचे। पुलिस बल की तैनाती में यहां रेलवे की जमीन पर किए गए अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया। तहसीलदार कुसुम प्रधान ने बताया कि सेहराडबरी क्षेत्र में रेलवे द्वारा पूर्व में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है तथा संबंधित भूमि स्वामियों को मुआवजा भी प्रदान किया गया है। इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा रेलवे की जमीन पर कब्जा बनाए रखा था, इससे बड़ी रेललाइन निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
प्रशासन के अनुसार रेलवे के स्वामित्व वाली लगभग 15 मीटर भूमि पर अतिक्रमण पाया गया था। इसके अतिरिक्त करीब दो से ढाई मीटर क्षेत्र ऐसा था, जिसे विधिवत अधिग्रहित कर मुआवजा भी दिया जा चुका था। इसके बाद भी संबंधित लोग भूमि खाली नहीं कर रहे थे, जिससे रेलवे परियोजना प्रभावित हो रही थी। कार्रवाई के दौरान निर्माण कार्य की जद में आ रही कुछ निजी बाउंड्रीवाल को भी ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई में लगभग 13 अतिक्रमणकारियों के निर्माण हटाए गए। प्रशासन द्वारा पूर्व में अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे, किंतु अनुपालन नहीं होने पर शनिवार को सख्त कदम उठाया गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि धमतरी से संबंधित ब्राडगेज परियोजना का कार्य तेजी से प्रगति पर है और इसे अप्रैल माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
परियोजना पूर्ण होने के बाद धमतरी सहित आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में बाधा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। रेलवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजना के लिए आवश्यक भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना अनिवार्य है। आगे भी यदि कहीं अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई को क्षेत्रवासियों ने विकास की दिशा में जरूरी कदम बताते हुए समर्थन दिया है। नागरिकों का कहना है कि रेलवे सुविधा शुरू होने से जिले के आवागमन, व्यापार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा