कांग्रेस ने वीबी राम जी विधेयक का किया विरोध, मनरेगा को बताया जनता की आत्मा
रामगढ़, 10 जनवरी (हि.स.)। विधायक ममता देवी ने केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वीबी राम जी विधेयक पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश के गरीबों के लिए एक अधिकार-आधारित कान
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक


रामगढ़, 10 जनवरी (हि.स.)। विधायक ममता देवी ने केंद्र सरकार की ओर से प्रस्तावित वीबी राम जी विधेयक पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) देश के गरीबों के लिए एक अधिकार-आधारित कानून है। इस कानून ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ-साथ आजीविका की सुरक्षा प्रदान की है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मजबूत हुई है।

विधायक शनिवार काे रामगढ़ शहर के एक होटल में प्रेस वार्ता में बोल रही थीं।

विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लाया गया वीबी राम जी विधेयक मनरेगा की मूल भावना के विपरीत है। यह विधेयक

काम की कानूनी गारंटी को कमजोर करता है। ग्राम सभा और पंचायतों की भूमिका सीमित करता है। मजदूरी भुगतान और रोजगार उपलब्धता में अनिश्चितता पैदा करता है। इससे ग्रामीण मजदूरों, किसानों और संपूर्ण ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।

विधायक ममता देवी ने जानकारी दी कि कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा बचाओ संकल्प के तहत 10 जनवरी से 25 फरवरी तक चरणबद्ध जनआंदोलन चलाया जाएगा। इस आंदोलन के अंतर्गत जिला, प्रखंड, पंचायत एवं राज्य स्तर पर उपवास, जनसंपर्क अभियान, शांतिपूर्ण धरना, ज्ञापन कार्यक्रम, विधानसभा घेराव और क्षेत्रीय रैलियों का आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वीबी राम जी विधेयक को तत्काल वापस लिया जाए और मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में और अधिक सशक्त बनाया जाए। कांग्रेस पार्टी ग्रामीण मजदूरों, किसानों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीपी संतन, मुन्ना पासवान, पंकज तिवारी, दिनेश मुंडा, राजेंद्र चौधरी, अनू विश्वकर्मा, अख्तर आजाद, मजू जोशी आदि उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश