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नूंह, 10 जनवरी (हि.स.)। नूंह जिला कांग्रेस कार्यालय पर मनरेगा योजना का नाम बदलने को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहीदा खान ने की, जिसमें जिले के कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर जी राम जी योजना रखने के निर्णय पर कड़ा विरोध जताया। नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के रोजगार और सम्मान से जुड़ा कानून है, जिसे महात्मा गांधी के नाम से जोड़कर सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत किया गया था।कांग्रेस जिला अध्यक्ष शहीदा खान ने कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम और उनकी विचारधारा को योजनाओं से हटाने का प्रयास कर रही है, जो देश की आत्मा पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस फैसले को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेगी। नूंह विधानसभा से विधायक व पूर्व मंत्री आफताब अहमद ने कहा कि मनरेगा ने ग्रामीण भारत में लाखों परिवारों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसका नाम बदलना जनता की भावनाओं से खिलवाड़ है। वहीं फिरोजपुर झिरका से विधायक इंजीनियर मामन खान ने कहा कि भाजपा सरकार इतिहास को मिटाने और महापुरुषों के योगदान को कमतर आंकने का काम कर रही है।कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने ऐलान किया कि इस फैसले के विरोध में रविवार को नूंह स्थित महात्मा गांधी पार्क में एक दिन का सांकेतिक उपवास रखा जाएगा। उन्होंने आम जनता से भी इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की। इस दौरान अन्य कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मनरेगा का नाम बदलने के फैसले को वापस लेने की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया