असम सरकार ने 1.5 लाख नौकरियों का आंकड़ा किया पार, सीएम ने सरुसजाई में 6 हजार नियुक्ति पत्र बांटे
गुवाहाटी, 10 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार काे घोषणा की कि राज्य ने 2021 से 1.5 लाख से ज़्यादा सरकारी नौकरियां देकर एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है, जो विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए एक अहम वादे को पूरा करता
गुवाहाटीः प्रसन्नता व्यक्त करते नियुक्ति पाने वाले युवा


गुवाहाटी, 10 जनवरी (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार काे घोषणा की कि राज्य ने 2021 से 1.5 लाख से ज़्यादा सरकारी नौकरियां देकर एक बड़ा मील का पत्थर पार कर लिया है, जो विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए एक अहम वादे को पूरा करता है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने असम डायरेक्ट रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (एडीआरई) के तहत ग्रेड-III पदों के लिए चुने गए 6 हजार से अधिक उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र बांटने की बात कही। मुख्यमंत्री ने लिखा, हमने आज तक 1.5 लाख से ज़्यादा सरकारी नौकरियां दी हैं और भी मिलेंगी।

यह घोषणा डॉ. हिमंत बिस्व सरमा द्वारा एडीआरई के माध्यम से ग्रेड IV पदों के लिए चुने गए 4,369 उम्मीदवारों को अपॉइंटमेंट लेटर बांटने के एक दिन बाद हुई। इन नई नियुक्तियों के साथ, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में दी गई सरकारी नौकरियों की कुल संख्या 1,50,033 हो गई है, जो एक लाख नौकरियां देने के पहले के वादे से अधिक है।

ज्योति-बिष्णु इंटरनेशनल कल्चरल सेंटर में बीते शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा था कि एडीआरई भर्ती प्रक्रिया बहुत जटिल थी, जिसमें पारदर्शिता सबसे बड़ी चुनौती थी। उन्होंने कहा कि पहले, अलग-अलग विभागीय परीक्षाओं के कारण अक्सर टेस्ट ओवरलैप होते थे, भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे और लंबे समय तक कोर्ट केस चलते थे, जिससे सभी विभागों में कर्मचारियों की कमी हो जाती थी।

इन समस्याओं को दूर करने के लिए, सरमा ने कहा कि सरकार ने नया कानून बनाकर और ग्रेड-III और ग्रेड-IV पदों के लिए अलग-अलग आयोग बनाकर एक एकीकृत भर्ती प्रणाली शुरू की। उन्होंने बताया कि परीक्षाएं 28 जिलों में एक ही दिन आयोजित की गईं, जिसमें 9.12 लाख से ज़्यादा उम्मीदवार शामिल हुए। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा के दौरान इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रक्रिया की विश्वसनीयता भर्ती से संबंधित किसी भी कोर्ट केस के न होने से पता चलती है।

नए नियुक्त उम्मीदवारों से समर्पण के साथ सेवा करने का आग्रह करते हुए, मुख्यमंत्री ने उनसे सरकारी कार्यालयों में आने वाले नागरिकों को समय पर और कुशल सेवाएं देना सुनिश्चित करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी कर्मचारियों के बीच आपसी ट्रांसफर की सुविधा के लिए 'स्वागत सतीर्थ' पोर्टल एक फरवरी, 2026 को फिर से खोला जाएगा।

योग्यता आधारित शासन पर ज़ोर देते हुए, सरमा ने कहा कि पारदर्शी भर्ती से असम के युवाओं का भरोसा बहाल हुआ है, जबकि सरकार राज्य में रोजगार पैदा करने के दूसरे रास्ते के तौर पर एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना जारी रखे हुए है। --------------------

हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय