अब सम्भल में पलायन नहीं होगा, कानून का राज स्थापित : ब्रजेश पाठक
-आजादी से लेकर अब तक सम्भल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचार और योगी सरकार के प्रयासों के बारे में बताया लखनऊ, 30 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के संभल को लेकर शासन को सौंपी गयी न्यायिक जांच रिपोर्ट की कयासबाजियों पर विराम लगाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश प
लाेकभवन में पत्रकार वार्ता करते उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक


-आजादी से लेकर अब तक सम्भल में हिन्दुओं पर हुए अत्याचार और योगी सरकार के प्रयासों के बारे में बताया

लखनऊ, 30 अगस्त (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के संभल को लेकर शासन को सौंपी गयी न्यायिक जांच रिपोर्ट की कयासबाजियों पर विराम लगाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्तुत होने के बाद ही रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी। हालांकि आजादी से लेकर अब तक संभल में हुए तमाम घटनाक्रमों और सरकार के प्रयास के बारे में ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों को बताया।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को लोकभवन में पत्रकार वार्ता कर कहा कि जांच आयोग ने सम्भल की न्यायिक जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है। रिपोर्ट के बारे में विभिन्न समाचार माध्यमों से अपने-अपने सूत्रों के आधार रिपोर्ट प्रकाशित हो रही है। न्यायिक जांच रिपोर्ट के बारे में हम अभी बात नहीं करेंगे। रिपोर्ट को पहले कैबिनेट में ले जाएंगे, उसके बाद ही मीडिया को बताएंगे।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गरीब कल्याण की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और यूपी में योगी सरकार ने नेतृत्व में कानून का राज कायम हो, इसके लिए कार्य कर रहे हैं। यूपी में कानून व्यवस्था को ठीक रखते हुए बिना तुष्टिकरण के हमारी सरकार कार्य कर रही है। यूपी की सीमाओं समेत देश के विभिन्न हिस्सों में डेमोग्राफिक बदलने के लिए कार्य होता रहा है। समाचार पत्रों में इससे सम्बंधित खबरें सामने आती रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी इसकी चर्चा विभिन्न मंचों से करते आ रहे हैं। यूपी में हमारी सबको साथ लेकर चलने की प्रतिबद्धता है। हम यहां डेमोग्राफिक बदलाव नहीं होने देंगे।

उपमुख्यमंत्री ने 1924 में हुए सम्भल दंगे का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हरिहर मंदिर को पृथ्वी राज चौहान ने बनवाया था। बाबर ने उस मंदिर को तोड़कर मस्जिद में बदलने का प्रयास किया था। यह सब आंकड़े बताते हैं कि हिंदुओं के साथ क्या हुआ है। वहां दलित हो या सवर्ण, सबके साथ गलत हुआ। उनके प्रतिष्ठान, दुकान और मकान पर कब्जा कर लिया गया। कांग्रेस ने कुछ नहीं किया। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की सरकारों में घोर मुस्लिम तुष्टिकरण था। उप्र में 2012 से 2017 तक अखिलेश सरकार थी। उनकी सरकार में तुष्टिकरण की हद हो गयी। आतंकियों के मुकदमें वापस ले लिए थे। धन्यवाद कोर्ट का, नहीं तो अखिलेश यादव सरकार ने आतंकियों को छोड़ ही दिया था। इनकी सरकारों में संभल में हिन्दुओं को पलायन करने के लिए बाध्या किया गया।

ब्रजेश पाठक ने योगी सरकार में अवैध कब्जे के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सरकार के विशेष अभियानों के बारे में भी बताया। उन्होने कहा कि 2017 से पहले संभल में बिजली चोरी होती थी। 80 फीसदी लाइन लास की समस्या था। आज 18 फीसदी लाइन लास बचा है। जाति, धर्म और भाषा से ऊपर उठकर हमारी सरकार कार्य कर रही है। अब सम्भल में पलायन नहीं होगा। अब सम्भल में कानून का राज कायम होगा।

संभल में पिछले 1 वर्ष के दौरान बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई। लगभग 1067 अतिक्रमण हटाए गए। इस कार्रवाई के परिणाम स्वरूप 68.942 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। संभल में योगी सरकार की सख्त नीति और जीरो टॉलरेंस की कार्यशाली के तहत विगत एक वर्ष में मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान एवं मदरसा से अवैध कब्ज को हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। विशेष अभियान चलाकर कल 37 अवैध कब्जे हटाए। 68 पौराणिक तीर्थ स्थल और 19 प्राचीन कूप कब्जे से मुक्त कराए गए।

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला