Enter your Email Address to subscribe to our newsletters
शिमला, 30 अगस्त (हि.स.)। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय व हिमाचल प्रदेश कौशल विकास निगम के अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रदेश के विद्यालयों और महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से बागवानी को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने की घोषणा की।
उन्होंने बताया कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में बागवानी का बड़ा योगदान है, इसलिए इसे कक्षा 9वीं से 12वीं और आगे कॉलेज स्तर पर शामिल किया जाएगा। इस फैसले से छात्रों को वैज्ञानिक जानकारी, व्यावहारिक कौशल और उद्यमिता की समझ मिलेगी, जिससे उन्हें फल उत्पादन, प्रोसेसिंग, विपणन और संबंधित क्षेत्रों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
शिक्षा मंत्री ने शिक्षा विभाग को सभी जरूरी औपचारिकताएं जल्द पूरी करने के निर्देश दिए ताकि नया पाठ्यक्रम समय पर शुरू हो सके। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर पर ही बागवानी की पढ़ाई शुरू करने से बच्चों में खेती, पर्यावरण और प्रदेश की कृषि परंपरा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल की 90% आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, ऐसे में यह कदम युवाओं को बागवानी को लाभकारी और सम्मानजनक व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
रोहित ठाकुर ने मंत्रालय से आग्रह किया कि पाठ्यक्रम को प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया जाए। उन्होंने शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि वे आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग कर सकें।
बैठक में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद की कार्यकारी सदस्य नीना पाहुजा ने हिमाचल को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया और कहा कि प्रशिक्षण परिषद प्रदेश के लिए उपयुक्त पाठ्यक्रम मॉड्यूल तैयार करने में मदद करेगा। इस अवसर पर प्रशिक्षण परिषद द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी गई।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा