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सना, 30 अगस्त (हि.स.)। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने पहली बार स्वीकार किया है कि उनके प्रधानमंत्री अहमद गालेब नासिर अल-रहावी और कई शीर्ष मंत्री इजराइली हमले में मारे गए हैं। यह हमला राजधानी सना में एक अपार्टमेंट पर गुरुवार को किया गया था।
हूती नेता महदी अल-मशात ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा, “हम लड़ाके अहमद गालेब नासिर अल-रहावी और उनके कई मंत्री सहयोगियों की शहादत की घोषणा करते हैं, जिन्हें इजराइल के विश्वासघाती आपराधिक दुश्मन ने निशाना बनाया।”
अल-रहावी अगस्त 2024 से हूती नियंत्रित सरकार के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत थे। बयान के अनुसार, हमला उस समय हुआ जब प्रधानमंत्री और मंत्रिमंडल की टीम एक नियमित कार्यशाला में पिछले साल के प्रदर्शन की समीक्षा कर रही थी।
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजराइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) का अनुमान है कि प्रधानमंत्री समेत पूरे कैबिनेट के लगभग 12 मंत्री इस हमले में मारे गए होंगे। हालांकि, यह आकलन अभी अंतिम नहीं है और हमले के नतीजों को स्पष्ट करने के लिए जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार का हमला यमन में हूती ठिकानों पर इजराइल का 16वां हमला था। हूती समूह, जिसने अपना नारा “अमेरिका की मौत, इजराइल की मौत, यहूदियों पर लानत” दिया है, ने नवंबर 2023 में इजराइल एवं समुद्री यातायात पर हमले शुरू किए थे। ये हमले 07 अक्टूबर को दक्षिणी इजराइल में हुए हमास हमले के एक महीने बाद शुरू हुए थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / आकाश कुमार राय