अनूपपुर: जंगली हाथी की दहशत से ग्रामीण कर रहे रतजगा
अहिरगवां रेंज के जंगल में डाला डेरा ,रातों में कर रहें खेत घरों में नुकसान
जंगल में हाथी व घर जहां ताेडफाेड की


अनूपपुर, 30 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में एक नर हाथी नौवे दिन शनिवार को जिले के राजेंद्रग्राम क्षेत्र के ग्रामीण अंचलो में निरंतर विचरण कर रहा है। राजेंद्रग्राम के तुलरा बीट के जंगल से शनिवार की सुबह वन परिक्षेत्र अहिरगवा के जंगल में डेरा डाले है। हाथी ने तीन दिनों के मध्य कई ग्रामों के ग्रामीणो के घरों में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे सामानो के साथ खेत एवं बाडियों में लगे विभिन्न तरह के अनाज को अपना आहार बनाया है। वनविभाग का गस्ती दल इस हाथी के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए बचाव के लिए ग्रामीणों को विभिन्न तरह की समझाइए दी।

ज्ञात हो कि 22 अगस्त को एक नर हाथी एक बार फिर से छत्तीसगढ़ से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर 9 दिनो से निरंतर विचरण कर रहा है। हाथी गुरुवार की रात्रि राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र अंतर्गत बेनीवारी बीट के ग्राम पंचायत पडरीखार, टिहुनापानी निवासी भान सिंह क्यौटार गांव के धनीराम सिंह एवं दांलचंद साहू के घर में तोड़कर घर के अन्दर रखी सामग्री को अपना आहार बनाते हुए शुक्रवार की सुबह ग्राम कुसेरा एवं करनपठार से लगे अतरिया एवं बघाड़ी के बीच बीट तुलरा,बेलाटोला निवासी शुक्लू बैगा नगमला के नयाटोला निवासी शंकर परस्ते के घर में तोड़फोड कर कई ग्रामीणो के खेत तथा बॉडी में लगे विभिन्न प्रकार की फसलों अनाजों को अपना आहार बनाते हुए, ग्राम पंचायत चरकूमर से नगमला,बगदरा से जोहिला नदी पार कर शनीवार की सुबह वन परिक्षेत्र अहिरगवा की सीमा ग्राम पंचायत सरई एवं खमरौध के बीच कातुनदोना,तरंग में स्थित लेन्टना एवं गढार में डेरा डाले है। हाथी के निरंतर विचरण पर वनविभाग का गश्ती दल हाथी के निगरानी के साथ ग्रामीणों को विभिन्न तरह की समझाईस देकर सतर्क एवं सावधान रहने की अपील कर रहा हैं। साथ ही वन एवं राजस्व विभाग द्वारा हाथी द्वारा किए जा रहे नुकसान का सर्वेक्षण कर प्रकरण तैयार कर रहा है।

हाथी के निरंतर वितरण से ग्रामीण परेशान एवं भयभीत हैं। हाथी के आने तथा आने की संभावना पर रात-रात भर जग कर अपनी और परिवार की सुरक्षा कर रहे हैं। यह हाथी पूर्व में अपने तीन अन्य साथियों के साथ विचरण किये स्थलों रास्ता से ही आगे की ओर बढ़ रहा है। दूसरा हाथी छत्तीसगढ़ के मरवाही में कई दिनों से डेरा जमाए हुए हैं, जबकि दो अन्य हाथी कटघोरा वन मंडल में स्थित 50 से अधिक हाथियों के समूह में मिलकर विचरण कर रहे है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला